अंतर्राज्यीय बाढ़ नियंत्रण समन्वय के लिए हुई बैठक मानसून पूर्व बाढ़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क, जलाशयों की निगरानी एवं समन्वय के दिए निर्देश


            आगामी मानसून सत्र को दृष्टिगत रखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार 01 जून 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट के सभाकक्ष में अंतर्राज्यीय बाढ़ नियंत्रण समन्वय संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई। इस बैठक में पड़ोसी महाराष्ट्र राज्य जिलों के अधिकारी भी शामिल हुए।  बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री उपस्थित रहे।

          बैठक के दौरान कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने जिले में स्थित प्रमुख जलाशयों एवं बांध परियोजनाओं के अधिकारियों को मानसून के दौरान सतर्कता बरतने तथा निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली वर्षा एवं जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी की जाए ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति का समय रहते आकलन किया जा सके।

         कलेक्टर ने संजय सरोवर परियोजना (भीमगढ़), केवलारी के कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया कि जलग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा होने अथवा जलाशय के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में समय-समय पर व्हाट्सएप एवं अन्य माध्यमों से जानकारी साझा करते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष बालाघाट को तत्काल अवगत कराया जाए।

        उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संजय सरोवर परियोजना (भीमगढ़) से वैनगंगा नदी में गेटों के माध्यम से पानी छोड़े जाने से पूर्व तथा थॉवर परियोजना (नैनपुर) से थॉवर नदी में पानी छोड़ने से पहले संबंधित अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया जाए। इसकी पूर्व सूचना बाढ़ नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए ताकि वैनगंगा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जा सकें।

        बैठक में राजीव सागर परियोजना (कुड़वा), कटंगी तथा महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के अंतर्गत आने वाले पुजारीटोला बांध से मानसून अवधि में छोड़े  जाने वाले पानी के संबंध में भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दोनों राज्यों के बीच सतत समन्वय बनाए रखने तथा जलाशयों के जलस्तर, जल आवक एवं संभावित जल छोड़े जाने की जानकारी अग्रिम रूप से प्राप्त कर बाढ़ नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

         कलेक्टर ने कहा कि समयपूर्व सूचना एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से बाघ नदी, वैनगंगा नदी तथा अन्य डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को मानसून अवधि के दौरान सतर्कता एवं त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में बाढ़ नियंत्रण से संबंधित तैयारियों, जलाशयों की निगरानी व्यवस्था तथा अंतर्राज्यीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

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