वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगे, वनकर्मियों की होगी नई भर्ती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पदोन्नति शासकीय सेवकों के काम के प्रति लगन और समर्पण का सम्मान
वन संपदा, जंगल और वन्यप्राणियों की सुरक्षा में वनकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने पदोन्नत वन अधिकारियों-कर्मचारियों को लगाए स्टार
वन विभाग के 4 हजार 506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
भोपाल/छिन्दवाड़ा,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल, वानस्पतिक संपदा और वन्यप्राणियों की सुरक्षा में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। मध्यप्रदेश को प्रकृति ने नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध वनों का अनुपम उपहार दिया है, जिसकी रक्षा में वनकर्मी पूरी लगन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में वन विभाग के पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवकों को पदोन्नति देना उनके कार्य के प्रति लगन, निष्ठा और समर्पण का सम्मान है। प्रदेश में वन विभाग के कुल 4 हजार 506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने से शासन-प्रशासन के साथ ही स्वयं उन्हें भी संतोष प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग के लिए 25 हजार 389 पद स्वीकृत हैं, जिनमें वर्तमान में 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहती है। इसके लिए पदोन्नति के साथ रिक्त हुए पदों को भरने हेतु नई भर्ती के आदेश भी दिए जा चुके हैं।
मध्यप्रदेश बना वन एवं वन्यजीव संरक्षण का रोल मॉडल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को ‘प्रकृति पुत्र’ और ‘ग्रीन सोल्जर्स’ की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके पुरुषार्थ और समर्पण के कारण मध्यप्रदेश वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए रोल मॉडल बना है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट, गिद्ध स्टेट और अब चीता स्टेट का गौरव प्राप्त है। यह उपलब्धि प्रदेश के वनकर्मियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
पदोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों में 188 सहायक वन संरक्षक, 2 हजार 821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल तथा अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके परिवारजनों के सहयोग और त्याग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनकर्मी प्रदेश की वन संपदा की सुरक्षा में मजबूत दीवार की तरह कार्य करते हैं। वे जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा के साथ वन क्षेत्रों में निवासरत आबादी की भी चिंता करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य और जंगल एक-दूसरे पर निर्भर हैं और हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम भावी पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण की और अधिक समृद्ध विरासत सौंपें।
उन्होंने कहा कि विकास तभी पूर्ण होगा, जब जंगल और जैव-विविधता सुरक्षित रहें, नदियों का संरक्षण हो तथा भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित बनाया जा सके।
आधुनिक तकनीक से मजबूत हो रहा वन प्रबंधन
प्रमुख सचिव, वन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण अन्य विभागों की तरह वन विभाग के 4 हजार 506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र का 30.72 प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित है तथा प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व और 26 वन्यजीव अभयारण्य हैं।
उन्होंने कहा कि वन एवं वन्यजीवों की समृद्धता के कारण मध्यप्रदेश को देश के ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश में हाल के समय में रातापानी (सर वीएस वाकणकर) और माधव टाइगर रिजर्व, डॉ. भीमराव आंबेडकर अभयारण्य तथा प्रदेश के पहले ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व का गठन किया गया है।
वन विभाग द्वारा चीता प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने, हाथियों की निगरानी के लिए गज रक्षक एआई प्रणाली, पीएम गतिशक्ति परियोजना के लिए वन मानचित्रों के उपयोग सहित आधुनिक तकनीक और नवाचारों को लगातार अपनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में इस वर्ष अब तक 5 करोड़ 62 लाख से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। प्रदेश के 43 जिलों में 94 वन वाटिकाओं की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों ने व्यक्त किया आभार
समारोह में पदोन्नत सहायक वन संरक्षक श्री रजनीश शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पदोन्नति के निर्णय से विभाग के हजारों कर्मचारियों में कार्य के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।
पदोन्नत वनपाल श्री दिनेश नागर, उप वन क्षेत्रपाल श्रीमती सीमा राजगौंड, वनपाल श्रीमती कल्पना गौड़ तथा वनपाल श्री रामदास सोलंकी ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के निर्णय से कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदोन्नति प्राप्त वन अधिकारियों-कर्मचारियों को स्टार लगाकर सम्मानित किया। इस दौरान वन सुरक्षा कर्मियों के कार्यों पर केंद्रित एक वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) श्री अजय यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पदोन्नत अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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