पितरों की स्मृति में लगे 11 पीपल के पौधे, युवाओं से पौधों की देखभाल और सेवा का आह्वान

पितरों की स्मृति में लगे 11 पीपल के पौधे, युवाओं से पौधों की देखभाल और सेवा का आह्वान
घोड़ाडोंगरी, बैतूल।पितृ मोक्ष अमावस्या के पावन अवसर पर आज दिनांक 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को घोड़ाडोंगरी स्थित बस स्टैंड मोक्ष धाम परिसर में अखिल विश्व गायत्री परिवार समन्वय समिति, घोड़ाडोंगरी के तत्वाधान में सामाजिक गणमान्य वरिष्ठ बंधु गण और नगर के युवा बंधुओं के सहयोग से_"एक वृक्ष पितरों के नाम"_ अभियान के अंतर्गत 11 पीपल के पौधों का रोपण बड़े ही श्रद्धा और पर्यावरणीय चेतना के साथ संपन्न हु
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पितरों की पुण्य स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से यह पुनीत कार्यक्रम सुबह 7.30 बजे आयोजित किया गया। भारतीय संस्कृति में पीपल को पितरों का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर विशेष रूप से *स्व. श्री भगवती चरण महतो जी, स्व. श्री गोपाल राव जी तुकदेव एवं स्व. श्री मनोहर लाल जी बारड़* की पावन स्मृति में उनके पुत्रों एवं परिजनों द्वारा भावपूर्ण पौधारोपण किया गया।
*कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण रहा सामाजिक कार्यकर्ता युवा विचारक युवा शक्ति युवा पीढ़ी ने युवाओं से आह्वान -*
सामाजिक कार्यकर्ता ने सभी युवाओं से आग्रह किया कि आज के आधुनिक युग में किसी भी कार्यक्रम में फोटो लेना और स्टेटस लगाना आम बात हो गई है। परंतु वृक्षारोपण केवल फोटो तक सीमित नहीं होना चाहिए।
"कार्यक्रम में लगाया गया पौधा तब तक आपका है, जब तक वह बड़ा होकर स्वयं हमें शुद्ध ऑक्सीजन देने योग्य नहीं हो जाता। उसकी सच्ची सेवा फोटो लगाने में नहीं, बल्कि उसकी निरंतर देखरेख में है। गर्मी में जब उसे सबसे ज्यादा आपकी आवश्यकता होती है, तब उसे पानी देना, समय-समय पर खाद देना और उसकी सुरक्षा करना ही वास्तविक सेवा है। युवा केवल दिखावे में न जाएं, बल्कि इसे अपना संकल्प मानकर एक पौधे की आजीवन देखरेख का संकल्प अवश्य लें।"
उपस्थित सभी लोगों ने एक-एक पौधे को गोद लेकर उसके संरक्षण का संकल्प लिया।
अंत में समन्वय समिति के समन्वयक *डॉ. मनोज पाटणकर जी* ने नगर के वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक बंधुओं एवं गायत्री परिजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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