स्कूल चले हम कोई तो देख ले हमारी ओर
नन्हे बच्चों को कीचड़ से बचाते हुए पालक छोड़ रहे स्कूल
*जब सड़कों के यह हाल तो कैसे शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे नौनिहाल*
खैरवानी/जुन्नारदेव ----- शासन द्वारा शिक्षा के लिए अरबों का बजट पेश किया जाता है जिससे देश का भविष्य बच्चे पढ़े और आगे बढ़े किन्तु शासन प्रशासन की मंशाओं को तब पलीता लग जाता है जब देष का भविष्य नन्हें बच्चे स्कूल तक पहुंचने में ही अपने आपकों निःसहाय समझते है। इसमें स्कूल तक की दूरी तय करने में बच्चों और उनके पालकों के पसीने छूट जाते है जिसका मुख्य कारण ग्रामीण अंचलों में सड़कों की बदहाल स्थिति है। इसी प्रकार का मामला विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत खैरवानी की सड़क का है जहां से नन्हें मुन्ने घर से तो स्कूल चले हम बोलकर निकलते है किन्तु कीचड़ से सनी सड़कों के कारण इन बच्चों के पैर पूरी तरह कीचड़ से सन जाते है इतना ही नहीं कई बच्चे इस कीचड़ की फिसलन से गिरकर घायल भी हो जाते है और गंदे कपड़ों के कारण अपने घरों की ओर उल्टे पैर वापस लौटने को विवष हो जाते है। इस ओर न तो पंचायत का कोई ध्यान है और न ही शासन प्रषासन इस ओर कोई ध्यान दे रहा है।
*नन्हें बच्चों को कीचड़ से बचाते हुये पालक छोड़ रहे स्कूल* ---- अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देष्य से ग्रामीण माता पिता अपने बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने को विवष है। ग्राम घोघरा ढाना से एवं चमत्कारी हनुमान मंदिर तक की दूरी तय करने में लगभग 5-8 मिनिट का रास्ता कीचड़ के कारण घंटो का बन जाता है। बच्चों के पालक अपना खेती किसानी, मजदूरी का काम छोड़ अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने को विशेष है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या षिक्षा प्राप्त करने के लिए बच्चों को सड़क की यह मूलभूत सुविधा उपब्लध हो पायेगी या फिर बच्चे कीचड़ से सने रास्ते पर यूं ही चलने को विशेष होंगे।
*सड़क बनाये जाने की उठी मांग ----- स्कूल के बच्चों सहित* ग्रामीणों को राहत प्रदान करने के लिए पंचायत और प्रषासन से ग्राम पंचायत खैरवानी चमत्कारी हनुमान मंदिर मेन रोड तक सड़क बनाये जाने की मांग ग्राम के ग्रामीण सहित समस्त ग्रामीणों ने की है।



