अहमद नगर महाराष्ट्र विचार भारती संस्था द्वारा आयोजित बौधीक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व न्यायधीश प्रकाश भाऊ उईके ने दिया जोरदार संबोधन

chif editor MANESH SAHU 9407073701
By -
0
अहमद नगर महाराष्ट्र विचार भारती संस्था द्वारा आयोजित बौधीक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व न्यायधीश प्रकाश भाऊ उईके ने दिया जोरदार संबोधन


जिला पाँडूराना सौसर काई सेमी स्मारक व्याख्यान श्रुंखला के कारण मैंने एक पौधा लगाया उसकी बेल आसमान छु गई करीब 14 साल पहले कुछ लोगो ने एक छोटा सा सपना देखा था एक छोटा सा पौधा लगाया ज्ञान यज्ञ प्रारम्भ हुआ एक सपना हकीकत बन गया नन्हा पौधा एक विशाल लटा बन गई ज्ञान यज्ञ मे ज्ञान की लहरे नागरकर मण्डली के संवेदनशील मन को छूने लगी और आज ईस व्याख्यानमाला के 14 सत्र का भव्य शुभारम्भ हुआ कल सी एम स्मृति व्याख्याँन माला के 14 वे वर्ष का प्रथम पुष्प गुंजायमान हुआ कल सी एम स्मृति व्याख्यान माला के 14 वे वर्ष का प्रथम पुष्प गुँजायमान हुआ संत श्रेष्ठ जंगले महाराज डोंगर्गन का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल कि विशेष उपस्थिति मे व्याख्यांनमाला शुरू हुई विचार भारती के कार्यकर्ताओ और संरक्षक मंत्री के बीच हाल के दिनों मे कई चर्चाएं और बैठके हुई और आशाजनक तालमेल शुरू हुआ है पिछले 14 वर्षो से ईस व्याख्यानमाला मे विभिन्न वक्ताओ ने अपने ज्ञान एंव वृक्तूत्व कौशल कि आहुति देकर ईस ज्ञान यज्ञ को जारी रखा है उस परम्परा को आज सभी श्रोताओ ने दृढ़ता से मान्यता दी आज के वक्ता मध्य प्रदेश मे छिंदवाड़ा पांढुरना के पूर्व न्यायधीश प्रकाश भाऊ उईके को ईस विषय पर उधबोधन देना समान नागरिक संहिता ( यूएलसी ) और नागरिकता ( सीएए ) बिल्कुल अलग शैली ढेर सारे ज्वलन्त उदाहरण और विसय तक आसान पहुँच के साथ उनका भाषण दर्शको को बांधे रखने वाला था उनके भाषण से दर्शको को एहसास हुआ की एक समान नागरिक कानून की कितनी जरूरत है और ईसके अभाव से मुद्दे कितने जरूरत है और ईसके अभाव से मुद्दे कितने गम्भीर हो गय है ईसलीय ईसके बाद के सवाल जवाब रंगीन हो गए वफ् बोर्ड के सम्बन्ध मे उठाऐ गए मुद्दे बहुत चिंताजनक थे बोलने के क्रम में कैसे तरह तरह के विमर्श स्थापित हो जाते है और वनवासी बंधु कैसे गलत दिशा मे सोचने लगते है ईसका विश्लेसन करते हुए उन्होंने कहा की चादर और बाप की नीति हमारे लिए कैसे घातक साबित हुई है व्याख्यानमाला मे हमेशा की तरह अजीत पंडित का मधुर गीत श्रीमती अनुजताई कुलकर्णी का पैसादान न केवल खूबसूरत है डॉ बल्कि का कहना होंगा की हृषिकेश कुलकर्णी का साहसिक निर्देशन को बांधे रखने मे सफल रहा है मंच की रचना संभागार शेत्र रङ्गोली पुण्यश्लोक और अहिल्या देवी की प्रतिमा का पूजन किया गया

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default