मोक्षधाम की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, सीमांकन की मांग को लेकर ग्रामीण पहुंचे तहसीलबार-बार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पंचायत भूमि अतिक्रमण मामले में ग्रामीणों ने उठाए सवाल

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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मोक्षधाम की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, सीमांकन की मांग को लेकर ग्रामीण पहुंचे तहसील
मोक्षधाम की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, सीमांकन की मांग को लेकर ग्रामीण पहुंचे तहसील  बार-बार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पंचायत भूमि अतिक्रमण मामले में ग्रामीणों ने उठाए सवाल

बार-बार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पंचायत भूमि अतिक्रमण मामले में ग्रामीणों ने उठाए सवाल

जुन्नारदेव। जनपद पंचायत जुन्नारदेव अंतर्गत ग्राम पंचायत पालाचौरई के वार्ड क्रमांक 4 एवं 12 के नागरिकों ने पंचायत की मोक्षधाम के पीछे स्थित भूमि पर कथित अतिक्रमण किए जाने की शिकायत करते हुए तत्काल सीमांकन कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने तहसील कार्यालय जुन्नारदेव पहुंचकर आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के कारण स्थानीय लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भूमि विवाद के चलते पात्र हितग्राहियों के शौचालय निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले भूमि का सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि हितग्राहियों के निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें।

आवेदन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पैसा एक्ट समिति के पदाधिकारी कमलेश उईके, मेहरबान, नंदकिशोर परतेती, सरोज भट्टी, राधा इवनाती तथा पंचायत सचिव चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा शामिल रहे। इस दौरान ग्रामवासी दशरथ, कस्तूरी बाई, कृष्णा बाई, इंद्राबाई, ज्ञानवती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े विभिन्न मामलों एवं भूमि संबंधी शिकायतों को लेकर पूर्व में भी कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र सीमांकन कर अतिक्रमण के मामले की जांच नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए, अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित हितग्राहियों के शौचालय निर्माण कार्य जल्द शुरू कराए जाएं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाने चाहिए।यह समाचार अखबार की शैली में तैयार किया गया है और इसमें आरोपों को ग्रामीणों के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे खबर तथ्यात्मक और सुरक्षित रहती है।

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