प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे जुन्नारदेव रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण, 25.40 करोड़ की लागत से हुआ आधुनिक कायाकल्प

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सच की आँखे जुन्नारदेव । अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप में विकसित किए गए जुन्नारदेव रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण आज शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को दोपहर 2:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। देशभर के 75 नवनिर्मित एवं पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के साथ जुन्नारदेव स्टेशन भी औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। लगभग 25.40 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, सुगम आवागमन और आधुनिक अवसंरचना को प्राथमिकता देते हुए व्यापक निर्माण कार्य किए गए हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जुन्नारदेव रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य फरवरी 2025 में प्रारंभ हुआ था, जिसे मार्च 2026 में पूर्ण कर लिया गया। मध्य रेल के नागपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले इस एनएसजी-5 श्रेणी के स्टेशन का पुनर्विकास स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक वास्तुकला के साथ जोड़ते हुए किया गया है। वर्तमान स्टेशन भवन का इतिहास वर्ष 1936 से जुड़ा है, जब नागपुर–बालाघाट रेलखंड के निर्माण के दौरान इसका निर्माण हुआ था। स्वतंत्रता-पूर्व काल से क्षेत्र की पहचान रहे इस स्टेशन को अब अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।

रेलवे स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा एवं 121 मीटर लंबा नया फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है, जिसमें चार आधुनिक लिफ्ट एवं चार रैंप की व्यवस्था की गई है। पुराने फुट ओवर ब्रिज पर भी दो अतिरिक्त लिफ्ट स्थापित की गई हैं। स्टेशन परिसर में नया टिकट घर, पोर्च सहित आधुनिक प्रतीक्षालय, वातानुकूलित आरक्षित प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप, वीआईपी रेस्ट रूम, उन्नत शौचालय, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म शेड तथा आधुनिक बैठक व्यवस्था विकसित की गई है।

जुन्नारदेव रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव तहसील का प्रमुख रेलवे स्टेशन है और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के पर्यटन एवं औद्योगिक क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां से तमिया हिल्स, पातालकोट घाटी, पहली पायरी, करंजी जलप्रपात तथा हिंगलाज माता मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होती है। वहीं वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के कन्हान क्षेत्र का मुख्यालय, एशिया का सबसे बड़ा कोयला वॉशरी संयंत्र तथा लगभग 15 कोयला खदानें होने के कारण यह क्षेत्र औद्योगिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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