शहरी क्षेत्र छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक-45 (महर्षि बाल्मीकि क्षेत्र) में डेंगू पैर पसार रहा है। बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो विशेष टीमों ने गुरुवार को इलाके में सघन सर्वे अभियान चलाया। टीमों ने क्षेत्र के कुल 179 घरों का चप्पे-चप्पे से निरीक्षण किया। इस दौरान हैरान करने वाला खुलासा हुआ; वार्ड के 21 घरों में खतरनाक एडीज मच्छर के लार्वा पनपते हुए पाए गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही लार्वानाशक दवा डालकर इन्हें पूरी तरह नष्ट कराया।
लापरवाही पर भारी पड़ेगी बीमारी: स्वास्थ्य विभाग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने एडवायजरी जारी कर कहा है कि नागरिक अपने घरों में रखे कूलर, फ्रिज की वाटर ट्रे, पानी की टंकियां और छतों पर पड़े पुराने टायरों की प्रति सप्ताह अनिवार्य रूप से जांच करें और उन्हें खाली कर साफ करें।
पानी जमा होने पर डालें मीठा तेल
स्वास्थ्य अमले ने बताया कि यदि घर में पानी के बड़े कंटेनर या टंकियां ऐसी हैं जिनकी नियमित सफाई या उन्हें ढंकना संभव नहीं है, तो उनमें प्रति सप्ताह थोड़ा मीठा तेल डालें। इससे पानी की सतह पर मच्छरों का लार्वा नहीं पनप पाएगा। इसके अलावा मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनने और शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू का मच्छर अमूमन दिन के समय काटता है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को दिन में सोते समय भी मच्छरदानी के अंदर सुलाने की हिदायत दी गई है। घरों में मॉस्किटो कॉइल या लिक्विड वेपोराइजर का नियमित उपयोग करें।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जांच बिल्कुल मुफ्त
चिकित्सकों के मुताबिक तेज बुखार, आंखों के पीछे तेज दर्द, शरीर पर लाल चकते (रैशेज), मांसपेशियों व जोड़ों में असहनीय दर्द और नाक या मसूड़ों से खून आना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर झाड़-फूंक या मेडिकल स्टोर से सीधे दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिला चिकित्सालय और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में डेंगू की पुष्टि के लिए किया जाने वाला 'डेंगू एलिसा टेस्ट' (Dengue ELISA Test) पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
