एक पुलिया ने छीन ली डेढ़ साल के मासूम की सांसें: अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवालसांप के डसने के बाद उफनती नदी बनी मौत की दीवार, वर्षों से लंबित पुलिया निर्माण पर फिर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

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एक पुलिया ने छीन ली डेढ़ साल के मासूम की सांसें: अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

सांप के डसने के बाद उफनती नदी बनी मौत की दीवार, वर्षों से लंबित पुलिया निर्माण पर फिर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
सच की आंखें तामिया/छिंदवाड़ा | 
पचमढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम नांदिया में गुरुवार देर रात घटी एक दर्दनाक घटना ने विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। डेढ़ वर्षीय मासूम प्रीतेश, पिता सतन मोवासी, को रात करीब 1 बजे जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन उसे बचाने की हरसंभव कोशिश करते हुए तत्काल तामिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए निकले, लेकिन भूराभगत के पास उफनती नदी और पुलिया के अभाव ने मासूम की जिंदगी छीन ली।
फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कमर तक पानी में उतरकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात में यही रास्ता गांव की जीवनरेखा है, लेकिन पुलिया नहीं होने से यह रास्ता हर साल मौत का कारण बनता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार नदी का तेज बहाव होने के कारण परिजन करीब एक घंटे तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। जब किसी तरह बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।क्या एक पुलिया की कीमत एक मासूम की जान से भी कम है?ग्रामीणों का कहना है कि नांदिया और आसपास के गांव वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर बरसात में गांव का संपर्क टूट जाता है और बीमार मरीज, गर्भवती महिलाएं तथा आपातकालीन मरीज घंटों फंसे रहते हैं।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर पुलिया बनी होती तो मासूम को अस्पताल पहुंचाया जा सकता था और शायद उसकी जान बच जाती।
अब सवाल जिम्मेदारों से...
आखिर पुलिया निर्माण का प्रस्ताव वर्षों से लंबित क्यों है?
बरसात में गांव का संपर्क टूटने के बावजूद प्रशासन ने क्या वैकल्पिक व्यवस्था की?
क्या हर बार किसी की मौत के बाद ही सरकार और अधिकारी जागेंगे?
ग्रामीणों ने कलेक्टर छिंदवाड़ा, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम की जान न गंवानी पड़े।
पचमढ़ी थाना पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है।
> "एक पुलिया नहीं बनी... और एक मासूम हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। अब भी यदि जिम्मेदार नहीं जागे, तो ऐसी त्रासदियां फिर दोहराई जाएंगी।"

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