कांवड़ यात्रा के जरिए हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव बोले—आखिरकार कांग्रेस की हुई घर वापसीकांवड़ उठाई है तो सनातन को भी दिल से अपनाइए, केवल वोट के लिए न हो दिखावा: शेषराव यादव

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कांवड़ यात्रा के जरिए हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव बोले—आखिरकार कांग्रेस की हुई घर वापसी

कांवड़ उठाई है तो सनातन को भी दिल से अपनाइए, केवल वोट के लिए न हो दिखावा: शेषराव यादव
छिंदवाड़ा। कांग्रेस द्वारा कांवड़ यात्रा निकालने और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस जिस हिंदुत्व और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से दूरी बनाकर चलती रही, अब उसी राह पर कदम बढ़ाना एक सकारात्मक बदलाव है। कांग्रेस के इस कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि “आखिरकार कांग्रेस की घर वापसी हुई है।”

भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि एक ओर छिंदवाड़ा कांग्रेस कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान शिव की आराधना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयानों पर लगातार विवाद होता रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या छिंदवाड़ा कांग्रेस कांवड़ यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को सनातन धर्म को अपनाने का संदेश देना चाहती है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि वास्तव में सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को अपनाना चाहती है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन यह बदलाव केवल राजनीतिक या चुनावी लाभ के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस के आचरण और विचारों में भी दिखाई देना चाहिए।

शेषराव यादव ने कहा कि धार्मिक आस्था और सनातन परंपराएं किसी चुनावी लाभ का माध्यम नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने कांवड़ उठाई है तो अब सनातन को भी दिल से अपनाना चाहिए। केवल वोट के लिए धार्मिक आयोजनों का दिखावा नहीं होना चाहिए।”

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि “हम कांग्रेस के इस बदले हुए अंदाज का स्वागत करते हैं। यदि कांग्रेस वास्तव में सनातन, धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति के साथ खड़ी होना चाहती है तो यह निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है। आखिरकार कांग्रेस की घर वापसी हुई है।”

उन्होंने छिंदवाड़ा कांग्रेस से स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के माध्यम से वह राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को क्या संदेश देना चाहती है। यदि यह सनातन की स्वीकार्यता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की शुरुआत है तो इसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन यह केवल राजनीतिक या चुनावी लाभ के लिए किया गया आयोजन नहीं होना चाहिए।

शेषराव यादव ने कहा कि “कांग्रेस सनातन को दिल से अपनाए, सनातन परंपराओं का सम्मान करे और देश की आस्था के साथ खड़ी हो। जनता सब समझती है, इसलिए सनातन के नाम पर दिखावा नहीं, बल्कि वास्तविक सम्मान और स्वीकार्यता दिखाई देनी चाहिए।”

सच की आंखें न्यूज़ | छिंदवाड़ा

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