- सांसद ने वित्त मंत्री से छिंदवाड़ा में योजना के जुडे करदाताओं और व्यापारियों की संख्या भी मांगी
सच की आँखे छिन्दवाड़ा। मंत्रालय के प्रमुख विभाग कंज्यूमर अफेयर फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और कोयला मंत्रालय संसदीय सलाहकार समिति के सदस्य एवं सांसद बंटी विवेक साहू ने सोमवार को लोकसभा के मानसुन सत्र के दौरान केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से तारांकित प्रश्न संख्या ’211 के दौरान आयकर अधिनियम की नई व्यवस्था के प्रचार-प्रसार को लेकर प्रष्न पुछा। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने लोकसभा के पटल पर सांसद बंटी विवेक साहू के प्रष्न का उत्तर दिया है। सांसद ने वित्त मंत्री से छिंदवाड़ा में करदाताओं और व्यापारियों की संख्या भी मांगी थी।
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में सांसद बंटी विवेक साहू ने संसद के तारांकित प्रश्न के दौरान कहा कि क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या आयकर विभाग ने करदाताओं को आयकर अधिनियम (पुरानी व्यवस्था), 1961 के बजाय आयकर अधिनियम, 2025 (नई व्यवस्था) को अपनाने में सहायता करने के लिए कोई अभियान शुरू किया है। यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इन अभियानों के स्वरूप, प्रसार के तरीके और संपर्क किए गए करदाताओं की संख्या सहित मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में ऐसे करदाताओं और व्यापारियों की संख्या कितनी है।
सांसद बंटी विवेक साहू ने संसद के तारांकित प्रश्न के दौरान कहा कि नई मौद्रिक सीमाओं के परिणामस्वरूप विवादित मुकदमेबाजी और कर मांगों के बोझ में कमी आने के कारण स्थानीय करदाताओं को कितनी राहत प्राप्त हुई है। संशोधित मौद्रिक सीमा के कारण कुल कितनी अपीलें और वापस लिए गए। दायर नहीं किए गए या अन्यथा प्रभावित हुए मामलों की संख्या कितनी है और विवादों में फंसे मुकदमेबाजी के बोझ में कमी आई है और कर मांग में फोरम-वार और कर-वार कितनी कमी आई है, और क्या केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पिछले 12 वर्षों के दौरान करदाताओं के अनुपालन को आसान बनाने और करदाताओं की सेवाओं में सुधार करने के लिए कोई उपाय किए हैं और यदि हां, तो छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश सहित प्रमुख पहलों, उनके परिणामों और लाभार्थियों की संख्या सहित तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?
- केन्द्रीय वित्त मंत्री ने लोकसभा के पटल पर दिया सांसद के प्रष्न का उत्तर
लोकसभा के मानसुन सत्र के दौरान केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सांसद बंटी विवेक साहू के तारांकित प्रश्न संख्या ’211 के उत्तर में बताया कि आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 2025 को लागू करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान प्रारंभ 2026 (मिशन विकसित भारत के लिए नीति सुधार और जिम्मेदार कार्रवाई) शुरू किया। इस अभियान में देश भर में करदाता कार्यशालाएं, बहुभाषी जागरूकता सामग्री, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, प्रकाशन कार सेतु पुराने और नए कर अधिनियम के बीच का सेतु डलळवअ प्लेटफॉर्म पर एक इंटरैक्टिव क्विज, प्रिंट और आउटडोर प्रचार अभियान, और आयकर वेबसाइट 2.0 और एआई-सक्षम चौटबॉट कर साथी जैसी डिजिटल पहलों को बढ़ावा देना शामिल थे। इसके अलावा इस अभियान का विवरण इस प्रकार है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि व्यापक बहुभाषी शैक्षिक सामग्री विकसित और प्रसारित की गई है। नए शुरू किए गए प्रपत्रों और प्रक्रियाओं पर ब्रोशर की एक श्रृंखला तैयार की गई और अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की गई। क्षेत्रीय कार्यालयों और आयकर सेवा केंद्रों (एएसके) के माध्यम से ब्रोशर और प्रकाशनों की 1.75 लाख से अधिक प्रतियां वितरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि क्यूआर-सक्षम ब्रोशर के माध्यम से प्रौद्योगिकी-सक्षम संचार का लाभउठाया गया है, जो डिजिटल व्याख्यात्मक सामग्री और संवाद वीडियो सत्रों तक पहुंच प्रदान करता है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है कि विभाग ने नए अधिनियम के प्रावधानों को समझने में करदाताओं की सहायता के लिए एआई-सक्षम चौटबॉट कर साथी को भी तैनात किया है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि इसके अलावा छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के संदर्भ में इस अभियान के हिस्से के रूप में दिनांक 24.07.2026 को भौतिक रूप से आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुल लगभग 100 करदाताओं और हितधारकों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि देश भर में अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में कुल 304 भौतिक (फिजिकल) आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। देश भर में आयोजित लगभग 50,000 करदाताओं और हितधारकों ने भौतिक रूप से आयोजित आउटरीच कार्यक्रमों में भाग लिया। इस अभियान के हिस्से के रूप में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कुल 31 भौतिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। ये कार्यक्रम लगभग 2,500 करदाताओं और हितधारकों तक पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में करदाताओं, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के बीच सीधे बातचीत और सूचना के प्रसार की सुविधा मिली।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार ने सीबीडीटी परिपत्र संख्या 9/2024 दिनांक 17.09.2024 के माध्यम से विभागीय अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ा दी है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में इस परिपत्र को जारी करने के कारण आईटीएटी में दो (2) मामलों को वापस ले लिया गया, जिसमें कुल 55 लाख रुपये की विवादित कर मांग की गई थी। उन्होंने परिपत्र संख्या 9/2024 दिनांक 17.09.2024 द्वारा संशोधित मौद्रिक सीमाओं के कारण वापस लिए गए दायर नहीं किए गए मामलों की कुल संख्या भी बताई है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि सीबीडीटी ने पिछले 12 वर्षों में कर अनुपालन को आसान बनाने और करदाता सेवाओं में सुधार के लिए कई उपाय किए हैं। ये उपाय मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले सहित पूरे देश में समान रूप से लागू हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान की गई कुछ प्रमुख पहलों में, पहले से भरे हुए आईटीआर शुरू करना, नए फॉर्म 26एएस; अद्यतन विवरणी दाखिल करने की सुविधा दी गई है।
उन्होंने बताया कि फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील योजनाएं शुरू करना; कम या शून्य दर पर आयकर की कटौती के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण-पत्र जारी करना; अनिवासी द्वारा निवासी व्यक्ति या एचयूएफ को अचल संपत्ति की बिक्री पर अनुपालन में कमी करना; आय विवरणी दाखिल न करने वालों के लिए अपेक्षाकृत उच्च टीडीएस/टीसीएस को हटाना; बहु-वर्षीय आर्म लेंथ मूल्य निर्धारण करने के लिए ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना, संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए अग्रिम मूल्य निर्धारण करार (एपीए) करने वाले व्यक्ति की संबद्ध इकाई को सुविधा, सेफ हार्बर व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाना और सरलीकरण करना तथा प्रकल्पित कराधान योजना का विस्तार शामिल हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि इन उपायों ने कर अनुपालन को काफी सरल बनाया है, अनुपालन भार को कम किया है. पारदर्शिता में वृद्धि की है, स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा दिया है और करदाता सेवाओं में सुधार किया है।
