चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर नुकसान का लिया जायजा अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में रहकर राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश
भोपाल/छिन्दवाड़ा । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को रीवा से सीधे चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने प्राचीन मुखारविंद के पास बनाए गए राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी कुशल-क्षेम जानी। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को वस्त्र, घरेलू सामग्री एवं खाद्यान्न सहित राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से कई घरों में पानी घुसने के साथ घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। चित्रकूट की अधोसंरचना को भी क्षति हुई है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार हरसंभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रभावित क्षेत्रों में पैदल पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट नगर के रामधाम मोहल्ले के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। कीचड़ से भरे रास्तों पर चलते हुए उन्होंने प्रभावित घरों तक पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने श्री रामफल गर्ग एवं श्री किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली।
इसके बाद सतना-चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन समय में सरकार उनके साथ है और नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन दिन तक चित्रकूट में रहेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चित्रकूट में जनजीवन सामान्य होने तक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल, वस्त्र, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने बांदा जिले के बबेरू से आए श्रद्धालु राजू सिंह से भी चर्चा की। राजू सिंह ने बताया कि वे 20 लोगों के साथ कामतानाथ स्वामी के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन बाढ़ के कारण वापस नहीं लौट सके। उन्होंने बताया कि राहत शिविर में प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई है।
नुकसान का कराया जाएगा सर्वे
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लगातार हुई अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बनी। प्रशासन की सतर्कता और तत्परता के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावितों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान, दुकान या पशुधन को नुकसान पहुंचा है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुंचाने तथा राहत कार्यों में पूरी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, प्रबल श्रीवास्तव, रीवा संभाग आयुक्त शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
