विश्व रेबीज दिवस पर पशु चिकित्सालय में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर150 पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का किया गया निःशुल्क टीकाकरण

विश्व रेबीज दिवस पर पशु चिकित्सालय में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर

150 पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का किया गया निःशुल्क टीकाकरण

छिन्दवाड़ा। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जिला पशु चिकित्सालय, छिन्दवाड़ा में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 150 पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का निःशुल्क टीकाकरण किया गया।

शिविर का आयोजन उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों एवं तकनीकी स्टाफ की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में डॉ. प्राची चड्ढा, डॉ. छत्रपाल तांडेकर, डॉ. राहुल नाग, डॉ. नेहा साहू, डॉ. मारिया लाल, डॉ. रवींद्र नागले, डॉ. पंकज माहोरे, डॉ. कृष्णा पेंद्रे तथा नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सत्यफुला बागड़े सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं

शिविर में टीकाकरण के साथ पशुओं के स्वास्थ्य के लिए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स कंपनी द्वारा एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई, जबकि एलेम्बिक कंपनी के सहयोग से पशुओं को कृमिनाशक दवाएं एवं आवश्यक विटामिन प्रदान किए गए। जरूरतमंद पशुओं के लिए निःशुल्क एंटीबायोटिक दवाओं का वितरण भी किया गया।

पशुपालकों को रेबीज से बचाव की जानकारी दी

शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को रेबीज से बचाव एवं पालतू पशुओं के नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज एक गंभीर वायरल एवं जूनोटिक बीमारी है, जो संक्रमित पशु के काटने अथवा खरोंचने से मनुष्यों तक पहुंच सकती है। समय पर टीकाकरण इसके बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।

चिकित्सकों ने पशुपालकों को सलाह दी कि पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का निर्धारित समय पर एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया जाए। घर के अंदर रहने वाले पालतू पशुओं का भी नियमित टीकाकरण जरूरी है, क्योंकि उनका अन्य संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

नागरिकों ने की पहल की सराहना

शिविर के सफल आयोजन पर स्थानीय नागरिकों एवं पशुपालकों ने पशुपालन विभाग की पहल की सराहना की। जागरूक नागरिक श्री चक्रेश पुष्पक एवं सुश्री मोहिनी भारती ने विभागीय टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों से पशुपालकों को सुविधा मिलने के साथ पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

पशु चिकित्सालय की टीम ने जिले के पशुपालकों एवं नागरिकों से अपने पालतू पशुओं का समय पर एंटी-रेबीज टीकाकरण कराने तथा पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

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