नियमों को दरकिनार कर पदस्थापना का आरोप, पन्ना शिक्षा विभाग में उठे गंभीर सवाल

नियमों को दरकिनार कर पदस्थापना का आरोप, पन्ना शिक्षा विभाग में उठे गंभीर सवाल
सच की आंखें न्यूज़ पन्ना। पन्ना जिले के शिक्षा विभाग में अधिकारियों की पदस्थापना और प्रभार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियमों और विभागीय प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए अजय गुप्ता को डाइट प्राचार्य तथा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई। मामले को लेकर विभागीय स्तर पर पारदर्शिता और पदस्थापना के नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

डाइट प्राचार्य पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल

जानकारी के अनुसार अजय गुप्ता पूर्व में जिला परियोजना समन्वयक के पद पर पदस्थ रहे हैं। आरोप है कि बाद में उन्हें डाइट पन्ना के प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया। इस पदस्थापना को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि डाइट में उपलब्ध पदों और विभागीय पोर्टल पर दर्ज पदस्थापना की स्थिति के अनुरूप यह आदेश किस आधार पर जारी किया गया।

प्रभारी डीईओ की जिम्मेदारी भी चर्चा में

अजय गुप्ता को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्हें लिंक अधिकारी के रूप में दिए गए आदेश की आड़ में लंबे समय से जिला शिक्षा अधिकारी का दायित्व संभालने का अवसर मिला। ऐसे में संबंधित आदेश, अधिकार क्षेत्र और पात्रता की स्थिति की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।

वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों की जांच का दावा

मामले को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों एवं अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा पूर्व में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें किए जाने का भी दावा किया जा रहा है। इन शिकायतों और उनमें चल रही जांच की वास्तविक स्थिति भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

‘लिफाफा संस्कृति’ के आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच

पदस्थापना को लेकर कथित रूप से प्रभाव और आर्थिक लेन-देन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में ठोस सार्वजनिक प्रमाण सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि संबंधित अधिकारियों को किस आदेश और किस नियम के तहत जिम्मेदारी सौंपी गई।
मध्यप्रदेश विधानसभा के उपलब्ध रिकॉर्ड में जिला शिक्षा अधिकारी का पद उप संचालक संवर्ग का बताया गया है तथा प्रभारी व्यवस्था को प्रशासनिक व्यवस्था एवं कार्य सुविधा से जोड़ा गया है। ऐसे में पन्ना में वर्तमान पदस्थापना और प्रभार से संबंधित आदेशों की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग है कि संबंधित आदेश, पद की पात्रता, पदस्थापना की प्रक्रिया तथा शिकायतों की जांच की स्थिति सार्वजनिक की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति पर विराम लग सके और शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनी रहे।

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