सेवा संकल्प अभियान के तहत बौद्धिक संपदा अधिकार पर विषय विशेषज्ञ व्याख्यान
‘जो दिखता है, वो बिकता है’ से पेटेंट और कॉपीराइट तक विद्यार्थियों को समझाए संरक्षण के गुर
छिन्दवाड़ा। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शासकीय इंदिरा गांधी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए युवा काउंसलिंग एवं विषय विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, छिंदवाड़ा के प्राचार्य एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. अनिल जैन ने ‘बौद्धिक संपदा अधिकार’ विषय पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
संस्था प्राचार्य डॉ. आलोक यादव ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मकता एवं नवाचार को बौद्धिक संपदा बताते हुए कहा कि मानव मस्तिष्क से उत्पन्न रचनात्मक एवं नवाचारी विचारों तथा अमूर्त रचनाओं को कानूनी संरक्षण प्रदान करने में बौद्धिक संपदा अधिकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. अनिल जैन ने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क एवं व्यापारिक गोपनीय सूचनाओं सहित बौद्धिक संपदा अधिकार के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा विकसित नए विचार, डिजाइन, तकनीकी समाधान, रचनाएं एवं अन्य नवाचार भविष्य में उनकी महत्वपूर्ण बौद्धिक संपदा बन सकते हैं। ऐसे में इनके कानूनी संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है।
व्याख्यान को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन एवं व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ते हुए डॉ. जैन ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने ‘जो दिखता है, वो बिकता है’ की अवधारणा के साथ रचनात्मक कार्यों की पहचान और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। साथ ही कॉपीराइट एवं पेटेंट की उपयोगिता समझाते हुए विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और नवाचार को पहचान देने तथा कानूनी रूप से सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने विचार खुलकर व्यक्त करने, नए विचारों पर कार्य करने और अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे और चर्चा में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती नीलम खासकलम ने किया, जबकि आभार सहायक कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार कावरे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती ओम कटकवार, श्रीमती शाइस्ता अंसारी, कुमारी आकांक्षा बुनकर, श्रीमती ममता बघेल, श्रीमती स्वाति चौरसिया, श्रीमती शैली कराड़े, कुमारी ज्योति कामडे सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें अपने विचारों और नवाचारों के कानूनी संरक्षण के प्रति सजग करना रहा।