शासकीय महाविद्यालय तामिया में समाजकार्य के विद्यार्थियों ने जाना औषधीय पौधों का महत्व
योग एवं आयुर्वेद की जानकारी के साथ पौधारोपण कर लिया पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संकल्प
छिन्दवाड़ा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय तामिया में प्रत्येक रविवार को संचालित संपर्क कक्षा में बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं के लिए औषधीय पौधों के महत्व, योग एवं आयुर्वेद विषय पर विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन के निर्देशानुसार एवं विकासखंड समन्वयक श्रीमती ललिता कुशरे के मार्गदर्शन में परामर्शदाता पंकज राय, श्रीमती स्वाति सूर्यवंशी, सुभाष मिनोटे, संदीप राज एवं महेंद्र यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कृषि विभाग से एडीओ दीपक चौरसिया, पूर्व रेंजर वीरेंद्र कुशवाहा, आत्मा परियोजना से जुन्नारदेव बीटीएम रोहित डेहरिया एवं पीकेवीवाई से विकासखंड समन्वयक पूरन सिंह मरकाम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग की दी जानकारी
कार्यक्रम के प्रारंभ में विकासखंड समन्वयक श्रीमती ललिता कुशरे ने मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए तामिया की भौगोलिक परिस्थितियों एवं क्षेत्रीय विशेषताओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
इसके बाद पूर्व रेंजर वीरेंद्र कुशवाहा ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान, उनके महत्व एवं पारंपरिक औषधीय उपयोगों की जानकारी दी। उन्होंने शतावरी, अश्वगंधा, पत्थरचट्टा, पुनर्नवा, गिलोय, गोक्षुरु, कालमेघ एवं सदाबहार सहित विभिन्न औषधीय पौधों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा दैनिक जीवन में उनके महत्व से परिचित कराया। साथ ही विभिन्न औषधीय पौधों का वितरण करते हुए उनके रोपण, बाजार में उपलब्धता तथा क्रय-विक्रय की संभावनाओं के संबंध में भी जानकारी दी।
कृषि में नवाचार से रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर
कृषि विभाग से उपस्थित एडीओ दीपक चौरसिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए छात्र जीवन में अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण, लक्ष्य निर्धारण एवं जीवन मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नौकरी एवं उद्यमिता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि कृषि के क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों एवं नए विचारों को अपनाकर स्वरोजगार तथा उद्यमिता के बेहतर अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
पौधारोपण कर लिया पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शासकीय महाविद्यालय तामिया के प्रांगण में औषधीय पौधों का रोपण किया गया। विद्यार्थियों ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के महत्व का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।
विद्यार्थी एप एवं शैक्षणिक गतिविधियों का संपादन
संपर्क कक्षा के दौरान मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा निर्धारित शैक्षणिक एवं सत्रीय गतिविधियों के अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यार्थी एप में प्रोफाइल अपडेट, एलिजिबिलिटी अप्रूवल, प्रयोगशाला ग्राम का चयन एवं विषय चयन जैसी गतिविधियां भी कराई गईं। विद्यार्थियों को इन प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
योग एवं ध्यान के अभ्यास के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर परामर्शदाता सुभाष मिनोटे ने छात्र-छात्राओं को योग, आयुर्वेद एवं ध्यान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली में योग की भूमिका को स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को कुछ सूक्ष्म व्यायामों का अभ्यास भी कराया।
इस प्रकार संपर्क कक्षा में विद्यार्थियों को औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग, कृषि आधारित उद्यमिता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, शैक्षणिक गतिविधियों तथा योग एवं ध्यान से संबंधित ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।