पन्ना।। पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मझगांव डैम विस्थापितों का 'चिता आंदोलन' अब एक विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां 22वें दिन भी आदिवासियों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला जेल के भीतर आंदोलन के मुख्य अगुआ अमित भटनागर का आमरण अनशन आज छठे दिन भी खतरनाक रूप से जारी है, जिसके बाद जेल से उनका यह कड़क संदेश बाहर आया कि "न्याय दो या मार दो।" इस ऐतिहासिक और उग्र संघर्ष के बीच प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पुलिस की गिरफ्तारियां और दमनकारी नीतियां भी इन पीड़ित आदिवासी परिवारों के हौसलों को पस्त करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं।
अमित भटनागर का आमरण अनशन जेल में भी जारी!!
दूसरी ओर, जेल की सलाखों के पीछे बंद अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत समेत अन्य ग्रामीणों की बिना शर्त रिहाई और विस्थापितों के संपूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर बाहर डटे ग्रामीणों का तेवर और अधिक आक्रामक हो गया है। आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने तत्काल ठोस संवाद स्थापित कर न्यायोचित पुनर्वास और अधिकारों का समाधान नहीं किया, तो यह जन-आंदोलन प्रदेशभर में एक विकराल जनविद्रोह का रूप लेने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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