कुपोषित बच्चों के पोषण आहार और मरीजों की सुविधाओं पर सवालएक डॉक्टर के भरोसे अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से मरीज परेशान

कुपोषित बच्चों के पोषण आहार और मरीजों की सुविधाओं पर सवाल

एक डॉक्टर के भरोसे अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से मरीज परेशान

पन्ना। जिले के अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई और कुपोषित बच्चों के पोषण आहार को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं, जिसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है।

एनआरसी में पोषण आहार को लेकर सवाल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले भोजन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पोषण आहार में दूध और फल उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई। एनआरसी प्रभारी के अनुसार भोजन व्यवस्था जिला स्तर से निर्धारित एजेंसी के माध्यम से संचालित होती है।

ऐसे में सवाल उठता है कि शासन द्वारा कुपोषित बच्चों के लिए निर्धारित पोषण आहार की गुणवत्ता और वितरण की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।

वार्डों में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल

अस्पताल के वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायतें की हैं। कुछ स्थानों पर टॉयलेट से दुर्गंध आने, वार्डों में सीलन और नमी तथा मरीजों के बिस्तरों पर पर्याप्त चादर उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।

मरीजों के भोजन को लेकर भी शिकायतें हैं। मरीजों को निर्धारित मापदंड के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं, इसकी नियमित निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

40 हजार से अधिक आबादी, चिकित्सकों की कमी

अजयगढ़ क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। इसके बावजूद यहां चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

बीएमओ डॉ. शोभाराम शर्मा के अनुसार वर्तमान में तीन डॉक्टर डेपुटेशन के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें एक डॉक्टर रात्रिकालीन ड्यूटी में, एक ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में और एक डॉक्टर अस्पताल में मरीजों को देखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और उपलब्ध डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमित चिकित्सकीय स्टाफ पर कितना दबाव है।

स्वीकृत और रिक्त पदों की जानकारी पर भी असमंजस

जब बीएमओ से अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकीय पदों और रिक्त पदों की संख्या के संबंध में जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीन डॉक्टर डेपुटेशन के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं।

ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद रिक्त हैं और लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।

दवाओं की उपलब्धता भी बनी चिंता

मरीजों और उनके परिजनों द्वारा अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी की गई है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक दवाएं और उपचार सुविधाएं पर्याप्त नहीं मिलने पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं से परेशान कई मरीज निजी चिकित्सकों और नर्सिंग होम का रुख करने को मजबूर होते हैं। वहीं गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही उपचार का प्रमुख सहारा है।

जवाबदेही और निगरानी पर उठे सवाल

अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद अब सवाल यह है कि मरीजों को निर्धारित सुविधाएं, दवाएं, भोजन और पोषण आहार उपलब्ध कराने की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। साथ ही चिकित्सकों की कमी और रिक्त पदों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इनका कहना है—

बीएमओ डॉ. शोभाराम शर्मा ने बताया कि वे अस्पताल में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में तीन डॉक्टर डेपुटेशन के आधार पर कार्यरत हैं। इनमें एक रात्रि सेवा, एक ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं और एक अस्पताल में मरीजों को देखने का कार्य कर रहे हैं। स्वीकृत एवं रिक्त चिकित्सकीय पदों की संख्या के संबंध में उन्होंने जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही।

पत्रकारों द्वारा अन्य व्यवस्थाओं और मरीजों की समस्याओं से जुड़े सवाल पूछे जाने पर बीएमओ बिना विस्तृत जवाब दिए वहां से चले गए।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने