अजयगढ़ में किसान से मारपीट का आरोप, वन विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
पीड़ित छोटू पटेल ने थाना प्रभारी को सौंपा आवेदन, CCTV फुटेज के आधार पर पहचान और FIR दर्ज करने की मांग
अजयगढ़। पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक किसान के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पैराह गांव निवासी किसान छोटू पटेल ने वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों पर खेत में उनके साथ मारपीट करने तथा गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में अजयगढ़ थाना प्रभारी को शिकायती आवेदन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
खेत में मारपीट करने का लगाया आरोप
पीड़ित छोटू पटेल के अनुसार, वह अपने खेत पर गए हुए थे, तभी वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ लाठी-डंडों और जूतों से मारपीट की गई। किसान ने शिकायत में हाथ और उंगली में गंभीर चोट लगने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट पहुंचने की बात कही है।
पीड़ित का आरोप है कि घटना में बड़ी संख्या में वन विभाग के कर्मचारी शामिल थे। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
आवेदन में कई लोगों के नाम का उल्लेख
छोटू पटेल द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन में लल्लू प्रजापति, ओ.पी. शर्मा, अनिल राजपूत, अयाज खान, आनंद सिंह, उमंग खरे, हेमराज अहिरवार, शिवचरण प्रजापति, महेंद्र साहू, राकेश कुमार प्रजापति (चौकीदार), बसंतलाल वर्मा, राजाराम कांदर और ऋषि यादव सहित अन्य अज्ञात लोगों के नाम का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। आवेदन में लगभग 150 अज्ञात वन कर्मचारियों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है।
इन सभी व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस जांच सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट की जांच की मांग
पीड़ित ने थाना प्रभारी से मांग की है कि घटना से संबंधित CCTV फुटेज की जांच कर आरोपित व्यक्तियों की पहचान की जाए। साथ ही मेडिकल परीक्षण और एक्स-रे रिपोर्ट को जांच में शामिल करते हुए, साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और वन विभाग का पक्ष सामने आना अभी शेष है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत के आधार पर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।