प्रकृति संवाद के माध्यम से युवाओं ने जाना वृक्षों का महत्व मौन रहकर पेड़ों से किया संवाद, औषधीय गुणों और संरक्षण के महत्व को समझा
छिंदवाड़ा। प्रकृति एवं संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, छिंदवाड़ा द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत समाजसेवा में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे युवाओं ने रविवार को धरम टेकड़ी और पीजी कॉलेज के समीप वृक्षों के महत्व को समझा। युवाओं ने मौन संवाद के माध्यम से प्रकृति की अनुभूति की और वृक्षों से मिलने वाले जीवनदायी लाभों को जाना।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरणविद् एवं परामर्शदाता विनोद तिवारी ने बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों को विभिन्न वृक्षों के औषधीय गुणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीपल, बरगद, नीम, आम और जामुन सहित अनेक वृक्ष फल, छाया और पर्यावरण के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इनके पत्तों और छाल में भी औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए वृक्षों का संरक्षण करना आवश्यक है।
परामर्शदाता लता नागले ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मौन रहकर पेड़ों और प्रकृति से संवाद किया। इस गतिविधि के माध्यम से उन्होंने प्रकृति के महत्व और मानव जीवन में उसकी उपयोगिता को महसूस किया। उन्होंने कहा कि धरती पर मौजूद यह अनमोल प्राकृतिक संपदा जीवन का आधार है, इसलिए इसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
परामर्शदाता तृप्ति सिंह ने वृक्षों के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों में अनेक वृक्षों का विशेष स्थान है। वृक्षों की पूजा और उपासना के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट होता है।
कार्यक्रम में परामर्शदाता श्यामलराव और आशीष साहू ने पेड़ों की पत्तियों के महत्व तथा जैविक खाद बनाने में उनके उपयोग की जानकारी दी। प्रकृति अध्ययन कार्यक्रम में एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी चित्रेश डेहरिया, शुभांगी साहू सहित मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सदस्य, बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में समाजसेवी उपस्थित रहे।