छिंदवाड़ा में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा
6 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित, इच्छुक किसानों से आवेदन आमंत्रित
छिंदवाड़ा। जिले में मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को कृषि की नई गतिविधियों से जोड़ने के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में विशेष योजना संचालित की जा रही है। ‘सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना’ के अंतर्गत जिले में मखाना उत्पादन, नर्सरी विकास और नवीन तालाब निर्माण सहित विभिन्न गतिविधियों के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा। विभाग ने इच्छुक किसानों से आवेदन करने की अपील की है।
उप संचालक उद्यान एम.एल. उइके ने बताया कि योजना के माध्यम से तालाब एवं खेत में मखाना उत्पादन, नर्सरी विकास और नवीन तालाब निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही मखाना उत्पादन में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) और एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीकों को अपनाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया जाएगा।
तालाब और खेत में खेती के लिए 3-3 हेक्टेयर का लक्ष्य
योजना के अंतर्गत तालाब में नर्सरी सहित मखाना खेती के लिए 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर का लक्ष्य शामिल है। इस घटक में पात्र किसानों को 71,600 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
इसी प्रकार, खेत में नर्सरी सहित मखाना उत्पादन के लिए भी 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इस घटक के अंतर्गत पात्र किसानों को 52,800 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का लाभ मिलेगा।
नवीन तालाब निर्माण पर 2.80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान
मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए नवीन तालाब निर्माण के अंतर्गत 0.800 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 0.600 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.200 हेक्टेयर का लक्ष्य शामिल है। इस घटक के तहत 2,80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है।
इसके अलावा, पारंपरिक गांज हार्वेस्टिंग सामग्री के लिए सामान्य वर्ग में एक इकाई का लक्ष्य रखा गया है। इस सामग्री की लागत 3,200 रुपये निर्धारित है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
किसान कहां करें संपर्क?
उप संचालक उद्यान एम.एल. उइके ने जिले के इच्छुक किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए शीघ्र आवेदन करने की अपील की है। किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना के विभिन्न घटकों, पात्रता, अनुदान और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग के अनुसार, पंजीयन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्रता के आधार पर किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।