मृगनयनी मध्यप्रदेश प्रदर्शनी का छिंदवाड़ा में आयोजन 3 जनवरी तक

मृगनयनी प्रदर्शनी में जनजातीय कलाकारों ने शैला नृत्य की दी रंगारंग प्रस्तुति

मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम भोपाल द्वारा स्थानीय पूजा लॉन छिंदवाडा में भव्य स्तर पर आयोजित राज्य स्तरीय मृगनयनी हस्तशिल्प एवं हाथकरघा प्रदर्शनी में गत दिवस नव वर्ष के स्वागत के लिये जिले के जनजातीय कलाकारों द्वारा शैला नृत्य की आकर्षक व रंगारंग प्रस्तुति दी गई जिसकी सभी ने सराहना की । इस प्रदर्शनी में चंदेरी, कोसा, महेश्वरी, मलबरी व कॉटन की साड़ियां और उज्जैन के मोम व नेचुरल कलर से बने इरफान बटिक प्रिंट, लोगों को लुभा रहे हैं एवं इनकी खूब खरीददारी भी हो रही है । प्रदर्शनी में प्रवेश एवं पार्किंग सेवा नि:शुल्क है । उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी में लगभग 40 से 41 शिल्पकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन सह विपणन कर रहे हैं। प्रदर्शनी 3 जनवरी तक रहेगी ।                                                    

      राज्य स्तरीय मृगनयनी हस्तशिल्प एवं हाथकरघा प्रदर्शनी के प्रभारी एवं प्रबंधक श्री अरविंद शर्मा ने बताया कि आयुक्त हाथकरघा सह प्रबंध संचालक म.प्र.हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव का प्रयास है कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के बुनकर/हस्तशिल्प कारीगरों को रोजगार और छिंदवाडावासियों को उतम हस्तशिल्प सामग्री प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद में भोपाल की जरी जरदोजी, बुदनी के खिलौने, चंदेरी महेश्वरी बाग प्रिंट और उज्जैन का बटिक प्रिंट की सामग्री प्रदर्शन सह विपणन के लिये उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी की खासियत विश्व धरोहर चंदेरी एवं महेश्वरी की साड़ियों पर सांची एवं खजुराहो के मंदिरों को प्रतिकृतियों पर बुनाई के माध्यम से दर्शाया गया है साथ ही रेशम, किनार, चन्देरी, मसलिन, कॉटन साड़ियाँ, देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरी की महेश्वर साडियाँ, मध्यप्रदेश का विशेष बाग प्रिंट जिसे 12 जड़ी बूटियों से प्रिंट किया गया है, पंच धातु बेल मेटल की मूर्तियाँ, टीकमगढ़ एवं भोपाल की जरी जरदोजी, बुदनी के खिलौने, शिफान मलबरी, कोसा व इंडिगो प्रिंट की साडियाँ और मटेरियल के साथ ही मृगनयनी म.प्र.के अन्य मनभावन हस्तशिल्प प्रदर्शन सह विपणन के लिये उपलब्ध हैं

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