महिला सरपंच ने 8 माह में बदली मऊ पंचायत की तस्वीर

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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फल-फूलदार पौधे लगवाकर दिया स्वच्छता का संदेश
मोहखेड़:-जनपद पंचायत मोहखेड़ की मऊ ग्राम पंचायत इन दिनों विकासखंड भर की ग्राम पंचायतों के लिए मिसाल कायम कर रही है। मऊ ग्राम पंचायत में  महिला सरपंच ममता सुदामा डोबले  ने अपने 8 माह  के पंचायती कार्यकाल में ग्राम पंचायत मुख्यालय की बदहाल सूरत को बदल दिया है और ग्राम पंचायत में सरकारी राशि व निजी जेब खर्च से राशि खर्च कर कर ग्रामीणों को सुलभ और सुविधाजनक सुविधा मुहैया कराने के साथ अथक भरसक प्रयासों से ग्राम पंचायत में सफलता हासिल की है।
 
 जुलाई 2023 को  सरपंच निर्वाचित हुई ममता सुदामा डोबले ने अपने 8 माह के कार्यकाल में विकास की नई इबारत लिख दी है।पंचायत, ईकक्ष सहित सभी सरकारी भवनों की मरम्मत जीर्णोद्धार व रंगाई-पुताई कर नया स्वरूप प्रदान किया है।पंचायत भवन के पास हरा भरा पार्क विकसित कर  फल - फूल दार पौधे लगवा कर  सौंदर्य करण का रूप दिया गया है। हरियाली से अच्छादित कर प्राकृतिक संरक्षण व स्वच्छता का अनूठा संदेश भी दिया है।दूसरी ओर गांव में मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं का निराकरण किया गया है।साथ ही सरपंच कप    का भी आयोजन किया गया.
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अन्य पंचायतों के लिए भी मिसाल पेश 


बता दे मऊ पंचायत सरपंच ममता डोबले ने अपने पति समाजसेवी एंव भाजपा मंडल मोहखेड़ महामंत्री सुदामा डोबले के सहयोग से 8 माह के कार्यकाल में ग्राम पंचायत में किए गए विकास कार्यों से विकासखंड  की सभी ग्राम पंचायतों के लिए एक मिसाल पेश की है।विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में मऊ के अलावा गिनी चुनी ही ऐसी ग्राम पंचायत है। जहां पर पंचायत भवन,ईकक्ष भवन का रंग रोगन,स्ट्रीट लाइट, फलदार पेड़,अतिरिक्त कक्ष भवन,उप  स्वास्थ्य केंद्र भवन,नाली निर्माण आदि के निर्माण के साथ विकास की अन्य विकास की सुविधाओं के नाम पर इनके कार्यकाल में सरकारी व कुछ अपनी ओर से राशि खर्च से सुविधाएं विकसित करवा कर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के लिए विकास किए।
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पहली प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण


महिला सरपंच ममता डोबले का सपना है कि उनकी ग्राम पंचायत में महिलाएं कमजोर न रहें। साथ ही सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने का उनका सपना है। इसके अलावा वह हर घर में शौचालय का भी निर्माण करवाना चाहती हैं ताकि स्वच्छता अभियान का सपना सार्थक हो सके। गांव की बदहाल सड़कों की मरम्मत की जाए और अब सड़क कच्ची नहीं रहेंगी। इसके लिए वह विशेष कार्ययोजना तैयार कर काम करना चाहती हैं। उनका मानना है कि गांव में स्वच्छता, स्वास्थ्य, साफ- सफाई,बस स्टैंड में सामूदायिक शौचालय,मोक्षधाम में सौंदर्यीकरण, खेल मैदान के अलावा लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिल सक

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