बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री पांडे ने 3 आंगनवाड़ी केन्द्रों और बाल कल्याण समिति का किया आकस्मिक निरीक्षण


बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री अनुराग पांडे द्वारा आज छिंदवाड़ा जिले का भ्रमण कर छिंदवाड़ा शहरी परियोजना के अंतर्गत नोनिया करबल के आंगनवाड़ी केंद्र व चंदनगांव केंद्र क्रमांक-4 के आंगनवाड़ी केन्द्र और छिंदवाड़ा ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत गुरैया केंद्र क्रमांक-5 का आकस्मिक निरीक्षण किया गया । आंगनवाड़ी निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री हेमंत छेकर, छिंदवाड़ा शहरी की परियोजना अधिकारी श्रीमती कृष्णा विश्वकर्मा, छिंदवाड़ा ग्रामीण परियोजना की परियोजना अधिकारी श्रीमती भावना कुमार, सुपरवाइजर सुश्री प्रियंका व श्रीमती कोनिका सक्सेना और जिला कार्यालय के आंकड़ा विश्लेषक श्री शैलेंद्र शुक्ला साथ में थे । आंगनवाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के बाद बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री पांडे ने बाल कल्याण समिति का आकस्मिक निरीक्षण कर एक बालिका की काउंसलिंग भी की । इस दौरान बाल कल्याण समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बताया कि बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री पांडे द्वारा निरीक्षण के दौरान सबसे पहले आंगनवाड़ी केन्द्र में आये बच्चों से बात की और उन्हें बताया कि बच्चे किस तरह साफ-सफाई में रहकर स्वस्थ रह सकते हैं । उन्होंने छोटे-छोटे बच्चों से बात कर उन्हें बड़े प्यार से समझाया कि वे किस तरह से उचित भोजन प्राप्त कर स्वस्थ रह सकते हैं। उन्होंने तीनों आंगनबाड़ियों में छोटे बच्चों का अपने समक्ष वजन लिया। इलेक्ट्रॉनिक मशीन व लटकाने वाली घड़ी मशीन दोनों से वजन लेकर उनमें आ रहे अंतर के बारे में समझाया कि किस तरह हम इसको दूर कर सकते हैं । उन्होंने तीनों आंगनबाड़ियों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बात की और आंगनबाड़ी में संधारित पंजियों का निरीक्षण किया । साथ ही इन पंजीयों का किस तरह से संधारण किया जाना है, के बारे में बताया और महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर संपर्क एप के माध्यम से भी जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ियों के किचिन गार्डन, स्टोर रूम, उदिता कॉर्नर और अन्य जानकारी भी ली और आंगनबाड़ियों में उपस्थित धात्री व गर्भवती महिलाओं से बात कर उन्हें बताया कि टीएचआर कब-कब किन-किन को मिलता है, के बारे में बात की। उन्होंने पोषण आहार की चर्चा करते हुये गर्भवती महिलाओं को क्या-क्या खाना चाहिये, इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने आंगनबाड़ी में स्व-सहायता समूह द्वारा दिये जाने वाले भोजन का निरीक्षण किया और मीनू के अनुसार भोजन दिये जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये

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