स्थगन आदेश के उपरांत फिर डॉक्टर वाचक की मनमानी जारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी भेजा स्पष्टीकरण पत्र
डॉ वाचक कार्यालय में आकर बिना अनुमति मेल करने एवं हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर करने का किया कृत्य
छिंदवाड़ा ---- परासिया के पूर्व बीएमओ डॉ प्रमोद वाचक लगातार अपनी लापरवाही और विवादित कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में रहते रहे हैं बीते दिनों उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ महिला अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा डॉ प्रमोद वाचक पर अभद्रता और लापरवाही के आरोप लगाए थे जिसके बाद जांच उपरांत जिला कलेक्टर द्वारा डॉ प्रमोद वाचक को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 नियम 3 के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर हटाया गया था इसके उपरांत डॉक्टर वाचक द्वारा न्यायालय में कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध स्टे आर्डर लाकर पुनः परासिया बीएमओ का प्रभार था लेने संबंधी कार्यवाही पूर्ण कर ली गई थी किंतु लगातार अपनी विवादित कार्यप्रणाली और लापरवाही के चलते सुर्खियों में रहने वाले डॉक्टर वाचक द्वारा स्थगन आदेश के तुरंत बाद एक बार फिर से अपनी मनमानी और लापरवाही का नजारा प्रस्तुत कर दिया गया है जहां पर डॉ वाचक को अपनी मनमानी के चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा स्पष्टीकरण पत्र प्रस्तुत किया गया है।
नियमानुसार उपस्थिति ना देने के संबंध में दिया गया स्पष्टीकरण पत्र ---- डॉ प्रमोद वाचक जो हमेशा लापरवाही और विवादित कार्यप्रणाली के साथ साथ अभद्रता जैसे गंभीर आरोपों में दोषी सिद्ध हो रहे हैं उनके द्वारा कलेक्टर के पद से हटाए जाने के आदेश के बाद भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया गया है और स्थगन आदेश के बाद अपनी लापरवाही उजागर करते हुए डॉ वाचक द्वारा नियमानुसार अपनी उपस्थिति अधो हस्ताक्षर करता के समक्ष उपस्थित होकर देनी थी किंतु डॉ वाचक द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कर्तव्य पर उपस्थित होकर 6 जून से 26 जून तक उपस्थिति पंजी में अपनी स्वेच्छा से हस्ताक्षर कर दिए गए हैं यह उनकी लापरवाही को स्पष्ट उजागर करता है इसी के चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा उन्हें स्पष्टीकरण पत्र प्रस्तुत किया गया है अब देखना यह है कि भ्रष्ट अभद्र व्यवहार करने वाले लापरवाह चिकित्सक पर कार्यवाही होती है अथवा एक बार फिर यह अपनी लापरवाही और मनमानी उजागर करते नजर आता है।


