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जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री जी.के.हरणे ने बताया कि बैठक में स्वरोजगार योजनाओं में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को सुगमता से ऋण उपलब्ध होने, ऋण गारंटी, मार्जिन मनी सहायता, अनुदान आदि विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बैंकों के माध्यम से संचालित मुद्रा योजना व बैंकों की अन्य योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। बैठक में दलित इंडियन चेम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज (डिक्की) के पदाधिकारी द्वारा बैंक की औपचारिताओं का कम से कम प्रावधान किये जाने का अनुरोध किया गया। इसी प्रकार अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति युवाओं को बड़ी संख्या में एमएसएमई के माध्यम से लाभावित किये जाने, कांट्रेक्टरशिप योजनाओं में बैंक गारंटी, टर्नओवर टेण्डर फीस आदि क्षेत्रों में छूट प्रदान किये जाने के लिये अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति सब प्लान में डिक्की संस्था को प्राथमिकता प्रदान करने, कचरा प्रबंधन में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे टेण्डर किये जाने, राज्य की सैनीटेशन पॉलिसी बनाने, एमएसएमई क्लस्टर के अंतर्गत नॉमिनेशन के आधार पर उद्योग के लिये भूमि आवंटित करने, औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड आरक्षित करने, प्रीमियम में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान करने व किस्तों पर प्रीमियम भुगतान करने, बिजनेस फेसिलिटेशन सेंटर के लिये भोपाल में भूमि आवंटित करने और अन्य विषयों के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किये गये। बैठक में शासन के निर्देशानुसार प्राप्त सुझाव को संबंधित विभाग को प्रेषित किये जायेंगे। बैठक में जिला अग्रणी प्रबंधक श्री हुकुम चन्द्रा, डिक्की जिला समन्वयक श्री एन.के.पिपल, एसटी/एससी वर्ग के सामाजिक कार्यकर्ता श्री जितेन्द्र शाह और जिला पंचायत के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के सदस्यगण, स्वरोजगार संबधी एन.आर.एल.एम., जिला शहरी विकास अभिकरण, आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, खादी ग्रामोघोग बोर्ड आदि विभागों के अधिकारियों द्वारा महत्पूर्ण विभागीय जानकारी प्रदान की गई।


