निवास रत जन सुबह शाम कूड़ा करकट इधर उधर कही भी फेक रहे है ,जबकी विधान सभा की सबसे बड़ी पंचायत है पालाचौरई, पिछले वर्ष 2023 में स्वच्छता अभियान के तहत शासन से राशि आयी थी, जिसमें लगभग एक लाख रु. की राशि वाहन खरीदने आहरित की जा चुकी है, जबकि ग्रा. पं. पालाचौरई मे उक्त कचड़ा वाहन दिखायी ही नहीं दे रहा है. अधिकारी इस बात की जांच करें तो आईने की तरह साफ हो सकती है स्थिती ।
सनद रहे कि शासन स्वच्छता अभियान के तहत नगर पालिका क्षेत्र सहित बड़ी ग्राम पंचायतो में राशि भेजती है, इस राशि को भेजने का एक मात्र उद्देश्य यह है कि नगर पालिका क्षेत्र सहित बड़ी ग्राम पंचायते इस राशि को निकाल सके, एवं कचड़ा वाहन खरीद सके, ताकि निकाय उक्त वाहन को अपने अपने क्षेत्र में चला घरो में निकलने वाला कचडा इस वाहन में ले दूरस्थ स्थानों में ले जा फेक दे ताकी ग्राम पंचायत हो या नगर पालिका क्षेत्र साफ एवं सुन्दर दिख सके।
बड़ी पंचायत में शुमार है पालाचौरई
ग्राम पंचायत पालाचौरई बड़ी पंचायत में शुमार इस पंचायत में नए 20 वार्ड है, इस पंचायत की आबादी भी दस हजार के उपर है।
कचड़ा वाहन नहीं है पंचायत में
ग्राम पंचायत पालाचौरई बड़ी पंचायत में शुमार होने के बाद अभी तक इस पंचायत में कचड़ा वाहन नहीं है।
एक लाख रु. की राशि निकालने की चर्चा है जोरो पर
सन् 2023 में इस पंचायत स्वच्छता अभियान के तहत भारी भरकम राशि आ चुकी है, जिसमें उक्त वाहन खरीदने पंचायत ने लगभग एक लाख रु की राशि आहरित किये जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरो पर है, पर उक्त वाहन आज भी पंचायत ने खरीदा ही नहीं है।
जाँच में हो जायेगा स्पष्ट
ग्राम पंचायतो में भ्रष्यचार का होना, शासन के रुपयो की बर्बादी कोई नई बात नहीं, इसमें दुख की बात यह है कि शासन के वे जवाबदार अधिकारी जॉच भी नहीं करते जो शासन से वेतन लेते है, इस गम्भीर मुद्दे पर कोई अधिकारी जाँच हेतु तैयार हो जाय तो स्थिती स्वतः स्पष्ट हो जायेगी।

