महंगाई की मार: पेसा मोबिलाइजर ने दिया इस्तीफा, ₹4000 मानदेय में परिवार चलाना असंभव

महंगाई की मार: पेसा मोबिलाइजर ने दिया इस्तीफा, ₹4000 मानदेय में परिवार चलाना असंभव
महंगाई की मार: पेसा मोबिलाइजर ने दिया इस्तीफा, ₹4000 मानदेय में परिवार चलाना असंभव

छिंदवाड़ा (जुन्नारदेव)। ग्राम पंचायत बोरदेही खुर्द में कार्यरत पेसा मोबिलाइजर मुकेश इवनाती ने आर्थिक तंगी के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पंचायत को सौंपे गए त्यागपत्र में बताया कि ₹4000 के अल्प मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

मुकेश इवनाती फरवरी 2022 से इस पद पर कार्यरत थे और पेसा कानून के साथ-साथ सरकारी योजनाओं जैसे ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, आवास जियो-टैगिंग आदि का जिम्मा संभाल रहे थे। बावजूद इसके, उन्हें न केवल कम वेतन मिलता था, बल्कि भुगतान भी कई महीनों की देरी से किया जाता था।

उन्होंने बताया कि पहले भी इस्तीफा देने का मन बनाया था, लेकिन परिवार ने यह सोचकर रोका कि मानदेय वृद्धि होगी। हालांकि, बाद में मानदेय वृद्धि निरस्त होने की खबर सामने आई, जिससे उन्होंने यह कदम उठाने का फैसला किया।

शोषण का शिकार हो रहे पेसा मोबिलाइजर
मुकेश इवनाती ने अपने इस्तीफे में पेसा मोबिलाइजरों के साथ हो रहे शोषण की ओर भी इशारा किया। उनका कहना है कि कार्य समय पर न करने पर उच्च अधिकारियों द्वारा वेतन काटने की धमकी दी जाती है और अन्य तरीकों से दबाव बनाया जाता है।

पेसा मोबिलाइजरों की यह समस्या केवल बोरदेही खुर्द तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।

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