जब मेहनत ईमानदार हो और नीयत साफ, तो पहचान जिला नहीं, पूरा प्रदेश करता है। ऐसा ही गर्व का पल 25 जनवरी 2026 को छिंदवाड़ा जिले के लिए सामने आया, जब भोपाल में आयोजित 16वें राज्य स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र के एक साधारण से दिखने वाले लेकिन असाधारण काम करने वाले बीएलओ को राज्यपाल के हाथों सम्मान मिला।
विधानसभा क्षेत्र 122 जुन्नारदेव के मतदान केंद्र क्रमांक 241, खैरमंडल के बूथ लेवल अधिकारी रमेश कुमार मोहबे को फोटो निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश द्वारा प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार, एसआईआर-2026 अभियान के दौरान रमेश कुमार मोहबे ने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया, नए मतदाताओं के नाम जुड़वाए, गलत प्रविष्टियों को ठीक कराया और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटवाने की प्रक्रिया को समय पर पूरा कराया। यह वही जमीनी काम है, जो लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है, लेकिन अक्सर सुर्खियों से दूर रह जाता है।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रमेश कुमार मोहबे ने सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लगातार फील्ड में रहकर काम किया। मतदाताओं से सीधा संवाद, सही दस्तावेजों का सत्यापन और समयबद्ध रिपोर्टिंग—इन तीनों मोर्चों पर उनका प्रदर्शन राज्य स्तर पर सराहनीय माना गया, जिसके बाद उनका चयन सम्मान के लिए किया गया।
इस सम्मान की खबर मिलते ही खैरमंडल सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय प्रशासन, सहकर्मी बीएलओ, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के ईमानदार निर्वाचन कार्य की पहचान है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि ऐसे सम्मान अन्य बीएलओ और निर्वाचन कर्मियों के लिए प्रेरणा बनते हैं, ताकि मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य सिर्फ उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उन जमीनी कर्मियों को पहचान देना भी है, जो लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुपचाप अपना काम करते रहते हैं। रमेश कुमार मोहबे को मिला यह राज्य स्तरीय सम्मान उसी सोच का सशक्त उदाहरण है।
मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे कर्मी हैं, जो चुपचाप सिस्टम को बेहतर बनाने में लगे हैं और जिनकी मेहनत सामने आनी चाहिए? कमेंट में जरूर बताएं।

