छिंदवाड़ा में अगर किसी को लगता है कि ढाबों की आड़ में शराब परोसी जा सकती है और कानून आंख मूंद लेगा — तो 23 जनवरी 2026 की ये कार्रवाई उस गलतफहमी को पूरी तरह तोड़ने के लिए काफी है।
मामला शुक्रवार, 23/01/2026 का है।
कलेक्टर छिंदवाड़ा हरेंद्र नारायण के स्पष्ट निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, परिवहन, संग्रहण और विक्रय पर सख्त लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग ने आबकारी वृत्त जामई में बड़ा एक्शन लिया।
इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाली वृत्त प्रभारी अनिकेत पटेल ने, जिनके नेतृत्व में आबकारी संयुक्त दल छिंदवाड़ा ने जामई क्षेत्र के होटल-ढाबों और इकलहरा टोल प्लाजा के पास स्थित ढाबों पर एक साथ दबिश दी।
📍 कहां-कहां पड़ी दबिश?
जांच के दौरान जामई क्षेत्र में
जग्गा ढाबा
अप्पू ढाबा
अंबिका रेस्टोरेंट्स
अंबिका होटल
ईगल भोजनालय
विनोद भोजनालय
यहां से लगभग 9 बल्क लीटर देसी व अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
वहीं, इकलहरा टोल प्लाजा के पास स्थित
टोल हवेली ढाबा
से लगभग 3 बल्क लीटर शराब जब्त की गई।
👉 कुल मिलाकर 12 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद हुई और 4 प्रकरण दर्ज किए गए।
⚖️ कौन-सी धाराओं में कार्रवाई?
सभी मामलों में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 36 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और आगे की जांच जारी है।
👮♂️ कौन-कौन रहा कार्रवाई में शामिल?
इस संयुक्त कार्रवाई में मौजूद रहे —
सहायक जिला आबकारी अधिकारी कैलाश चंद्र चौहान
उपनिरीक्षक जीत सिंह धुर्वे
जामई वृत्त प्रभारी अनिकेत पटेल
अन्य आबकारी आरक्षक
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और जिले में अवैध शराब के नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
❗ बड़ा सवाल — ढाबे या दारू के अड्डे?
यह कार्रवाई एक बार फिर ये सोचने पर मजबूर करती है कि
क्या कुछ ढाबे सच में यात्रियों के लिए हैं, या फिर चोरी-छिपे शराब बेचने का ठिकाना बनते जा रहे हैं?
और अगर समय रहते कार्रवाई न हो, तो इसका असर सिर्फ कानून पर नहीं, बल्कि युवाओं, सड़क सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर भी पड़ता है।
🗣️ मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
आपके इलाके में भी क्या ढाबों या छोटी दुकानों पर खुलेआम या चोरी-छिपे शराब बिकने की शिकायतें हैं?
क्या प्रशासन की ऐसी सख्त कार्रवाई से सच में अवैध कारोबार पर रोक लगेगी — या फिर और कड़े कदम जरूरी हैं?
कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।

