न्याय, सेवा, धर्म, त्याग और जनकल्याण की अदभुत प्रतिमुर्ति थी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर: बंटी विवेक साहूगाड़ीढाना में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जयंती समारोह में शामिल हुए सांसद


 सच की आंखें छिन्दवाड़ा। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर केवल एक रानी ही नहीं बल्कि न्याय, सेवा, धर्म, त्याग  और जनकल्याण की अदभुत प्रतिमूर्ति थी। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अपने अद्वितीय गुणों और दृढ़ संकल्प से भारतीय इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया था। उक्त आशय के उद्गार सांसद बंटी विवेक साहू ने गाड़ीढाना में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए व्यकत किए।
         इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को शत्-शत् नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राज्य में न्याय, सुरक्षा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उनकी प्रजा उन्हें लोकमाता कहकर पुकारती थी क्योंकि वे जनता को अपने परिवार के तरह मानती थी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर भारतीय इतिहास की महान शासकों में से एक थी। उन्होंने अपने शासन काल में समाज सुधार के अनेक कार्य किए। उन्होंने पूरे भारत में अनेक मंदिर, धर्मशालाओं और कुओं का निर्माण कराया। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्ण निर्माण में उनका विशेष योगदान था। सांसद श्री साहू ने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों सहित जिलेवासियों को लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई भी दी। इस अवसर पर कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता टीकाराम चंद्रवंशी, सौरभ ठाकुर, रोहित पोफली, विशवेन्द्र बैस सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित थे। 

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