पद्मश्री डॉण् अरुणा मोहंती सहित देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए शहरवासी
बादल भोई ट्राइबल म्यूजियम में बिखरे भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संस्कृति के अनूठे रंग
छिंदवाड़ा।
छिंदवाड़ा के सांस्कृतिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुएए कला संगम इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स द्वारा आयोजित ष्कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सवष् ;5वां संस्करणद्ध का दो दिवसीय भव्य आयोजन बादल भोई आदिवासी संग्रहालय ;खुला सभागारद्ध में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 30 और 31 मई 2026 को आयोजित इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित और पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से छिंदवाड़ा के दर्शकों को भाव.विभोर कर दिया। यह पूरा आयोजन कला प्रेमियों के लिए पूर्णतः निशुल्क रहा।
प्रथम दिवस ;30 मई 2026द्धरू कथक और भरतनाट्यम की जुगलबंदी
महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत गरिमामयी प्रस्तुतियों के साथ हुई। प्रथम दिवस पर दिल्ली के सुप्रसिद्ध कथक कलाकार श्री धीरेंद्र तिवारी ने अपने पैरों की थाप और खूबसूरत चक्करों से दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद चेन्नई से आईं प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना सुश्री श्वेता प्रचंडे ने अपनी उत्कृष्ट तकनीक और कलात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रथम दिवस की अंतिम प्रस्तुति में छिंदवाड़ा के अपने माटी के लाल और कला संगम के निर्देशक श्री अमित डोले ने उत्कृष्ट भरतनाट्यम प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।
प्रथम दिवस के अतिथिरू
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री विवेक बंटी साहू जी ;सांसदद्ध रहे। विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती अरुणा नायडू ;प्राचार्यए बालाजी पब्लिक स्कूलद्ध उपस्थित रहीं। इसके साथ ही प्रशासनिक गरिमा बढ़ाते हुए डिप्टी कलेक्टर श्री राहुल पटेलए संयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर एवं संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंकिता त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
द्वितीय दिवस ;31 मई 2026द्धरू ओडिसीए भरतनाट्यम युगल और कुचिपुड़ी का जादू
महोत्सव का दूसरा दिन और भी भव्य रहाए जिसकी शुरुआत भुवनेश्वर से आईं पद्मश्री डॉण् अरुणा मोहंती एवं उनके समूह की उत्कृष्ट ओडिसी नृत्य प्रस्तुति से हुई। उनके समूह ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराए अद्भुत भाव और लय का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इसके पश्चात चेन्नई से आए श्री रंजीत बाबू एवं श्रीमती विजिना वासुदेवन ने भरतनाट्यम की युगल ;क्नवद्ध प्रस्तुति दीए जिसमें तालए तकनीक और भावों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। महोत्सव का समापन केरल की प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्यांगना श्रीलक्ष्मी गोवर्धनन की सशक्तए ऊर्जावान और आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुआए जिसने इस दो दिवसीय उत्सव को एक यादगार और भव्य समापन प्रदान किया।
द्वितीय दिवस के अतिथिरू
दूसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री बंटी साहू जी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रमोद यादव जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बैरालाल अहिरवार जी एवं नगर निगम अध्यक्ष श्री मोनू मांगो जी ने की।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री भारत डोले जी ;अध्यक्षए कला संगमद्धए श्रीमती एसण् ब्राउन जीए श्रीमती नम्रता चंदेल जीए श्रीमती प्रीति डोले जी एवं श्री सत्येंद्र सिंह मरकाम जी ;सहायक आयुक्तद्ध गरिमा बढ़ाने के लिए मंच पर उपस्थित रहे।
छिंदवाड़ा बना राष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र
इस दो दिवसीय महोत्सव ने एक बार फिर प्रमाणित किया है कि छिंदवाड़ा कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान सुदृढ़ कर रहा है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराओं की इस विविधता और समृद्धि को एक ही मंच पर देखना शहरवासियों के लिए एक दुर्लभ और अविस्मरणीय अनुभव रहा।
कार्यक्रम के अंत में कला संगम के निर्देशक श्री अमित डोले और संस्था के अध्यक्ष श्री भारत डोले ने उपस्थित सभी अतिथियोंए कलाकारोंए मीडिया कर्मियों और कलाप्रेमी शहरवासियों का हृदय से आभार व्यक्त कियाए जिनके सहयोग से यह पांचवां संस्करण ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।
सादर प्रकाशनार्थ
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