केसरी नंदन हनुमान मंदिर में नारियल हटाने के निर्देश से बढ़ी चर्चा, आस्था और सुरक्षा के संतुलन की मांग

केसरी नंदन हनुमान मंदिर में नारियल हटाने के निर्देश से बढ़ी चर्चा, आस्था और सुरक्षा के संतुलन की मांग
छिंदवाड़ा। तिलक मार्केट स्टेशन रोड स्थित प्रसिद्ध श्री केसरी नंदन हनुमान मंदिर (अर्जी वाले हनुमान जी) में मंदिर की दीवारों पर टंगे नारियलों को हटाने संबंधी एसडीएम कार्यालय के आदेश के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ऋषभ गुलाबरा नांदेकर ने प्रशासन से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा 24 जून 2026 को जारी पत्र में मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर की दीवारों पर हजारों की संख्या में टंगे नारियलों को हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। आदेश में उल्लेख किया गया है कि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं तथा पूजा-अर्चना के दौरान अगरबत्ती, धूपबत्ती और आरती का उपयोग किया जाता है। साथ ही मंदिर सघन आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और प्रवेश-निर्गम के लिए पर्याप्त अलग व्यवस्था नहीं होने के कारण अग्नि दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सात दिवस के भीतर कार्रवाई कर प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस संबंध में ऋषभ नांदेकर ने कहा कि प्रशासन की सुरक्षा संबंधी चिंताएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मंदिर में नारियल बांधने की परंपरा वर्षों पुरानी आस्था से जुड़ी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर परिसर में सुरक्षित लोहे का स्टैंड या विशेष ढांचा तैयार किया जाए, जहां श्रद्धालु व्यवस्थित रूप से अपनी मन्नत के नारियल बांध सकें। साथ ही फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को "सुरक्षा भी, श्रद्धा भी" के सिद्धांत पर काम करते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी प्रभावी समाधान हो सके।

विशेष:
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा की दृष्टि से बदलाव आवश्यक है तो श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि परंपरा और सुरक्षा दोनों का संतुलन बना रहे।

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