तामिया एकलव्य विद्यालय में बड़ा विवाद: छात्रों के प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने प्राचार्य-उपप्राचार्य पर कार्रवाई की अनुशंसा की, मेस स्टाफ भी हटाया गया

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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तामिया एकलव्य विद्यालय में बड़ा विवाद: छात्रों के प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने प्राचार्य-उपप्राचार्य पर कार्रवाई की अनुशंसा की, मेस स्टाफ भी हटाया गया
तामिया एकलव्य विद्यालय में बड़ा विवाद: छात्रों के प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने प्राचार्य-उपप्राचार्य पर कार्रवाई की अनुशंसा की, मेस स्टाफ भी हटाया गया
छिंदवाड़ा | सच की आंखें

छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। छात्रों द्वारा भोजन की गुणवत्ता, अव्यवस्थाओं और कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में किए गए प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं सोशल मीडिया पर भोजन में कथित रूप से कीड़े मिलने का वीडियो वायरल होने से पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच जारी है।

20 जुलाई 2026 को लगातार बारिश के बीच छात्र-छात्राओं ने लगभग चार घंटे तक विद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का आरोप था कि लंबे समय से उन्हें गुणवत्ताहीन भोजन परोसा जा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्रों ने जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग को लिखित शिकायत भी सौंपी।

मामले की जांच के बाद छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर प्राचार्य राजेश कुशवाह एवं उपप्राचार्य (पीजीटी) दिनेश कुमार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

कलेक्टर के पत्र में उल्लेख किया गया है कि मेस समिति द्वारा 1 जुलाई एवं 13 जुलाई 2026 को भी भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर प्राचार्य को लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन शिकायतों के बावजूद भोजन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। पत्र के अनुसार प्राचार्य स्वयं भोजन व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे तथा उपप्राचार्य मेस प्रभारी थे। लगातार शिकायतों की अनदेखी के कारण छात्रों को 20 जुलाई को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इधर विद्यालय प्रशासन ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए अपनी एजेंसी को पत्र जारी कर स्टाफ नर्स खुशबू रावतकर, बालक छात्रावास के हॉस्टल वार्डन अमन आईके तथा मेस सुपरवाइजर शुभम सरोज को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने को कहा गया है।

इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में परोसे गए भोजन में कथित रूप से कीड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो यह छात्रावास में रह रहे आदिवासी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला होगा।
लगातार सामने आ रहे घटनाक्रम ने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में छात्रों के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना है।

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