सच की आँखे जुन्नारदेव। नगर के प्राचीन बावली स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में इन दिनों धार्मिक आस्था अपने चरम पर है। 16 जुलाई से प्रारंभ हुए सिंधी समाज के पावन चालिहो महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन एवं नाम-स्मरण का आयोजन किया जा रहा है। वहीं सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से रुद्राभिषेक भी संपन्न कराया जा रहा है। दोनों धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
सिंधी समाज में चालिहो महोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व है। यह भगवान झूलेलाल के प्रति श्रद्धा, तप, संयम और भक्ति का 40 दिवसीय अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान झूलेलाल ने अन्याय और अधर्म से अपने भक्तों की रक्षा कर मानवता, सद्भाव और धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश दिया था। उसी स्मृति में श्रद्धालु 40 दिनों तक नियमित पूजा, सेवा, भजन और आरती कर भगवान झूलेलाल का स्मरण करते हैं। यह महोत्सव समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का भी माध्यम माना जाता है।
मंदिर में प्रतिदिन सुबह एवं शाम भगवान झूलेलाल की आरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। सावन सोमवार पर भगवान शिव का रुद्राभिषेक पंचामृत, गंगाजल, दुग्ध, दही, शहद, बेलपत्र एवं विभिन्न पूजन सामग्रियों से संपन्न कराया जा रहा है। रुद्राभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" और "जय झूलेलाल" के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
चालिहो महोत्सव के दौरान प्रतिदिन समाज के अलग-अलग परिवार सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। आरती, प्रसाद वितरण एवं धार्मिक अनुष्ठानों में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।
झूलेलाल यूथ ब्रिगेड के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक महोत्सव का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना, सेवा भावना को बढ़ावा देना तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से चालिहो महोत्सव एवं सावन सोमवार के रुद्राभिषेक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
फोटो कैप्शन
*झूलेलाल मंदिर जुन्नारदेव में चालिहो महोत्सव के दौरान भगवान झूलेलाल की आरती एवं सावन सोमवार पर भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल श्रद्धालु।*
