अतिवृष्टि, बाढ़, आकाशीय बिजली और जलभराव से निपटने के लिए विभागों को प्रभावी समन्वय के निर्देश
छिंदवाड़ा। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान जिले में अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान एवं अन्य संभावित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि और जान-माल की क्षति को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने संबंधित विभागाध्यक्षों, जिला अधिकारियों एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड को आपदा की स्थिति में प्रभावी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील गांवों, पुल-पुलियाओं, नदी-नालों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों की जानकारी अद्यतन रखने को कहा है। संभावित आपदा की स्थिति में अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), तहसीलदारों, स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उपलब्ध मानव बल, नाव, रेस्क्यू उपकरण, जेसीबी, ट्रैक्टर, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला एवं तहसील स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों में प्राप्त सूचनाओं का तत्काल संकलन कर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने तथा आवश्यकता अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मौसम विभाग, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों से प्राप्त चेतावनियों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतने और पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था करने तथा वहां खाद्य सामग्री, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया है।
प्रशासन ने आपदा के दौरान हुई क्षति एवं राहत-बचाव कार्यों की जानकारी समय-समय पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अन्य सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आवश्यकता पड़ने पर जिले में गठित विभिन्न राहत एवं बचाव दलों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करने तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
