अमरवाड़ा/सिंगोड़ी। अमरवाड़ा विकासखंड के सिंगोड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेगांव एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार मामला स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित झंडावंदन कार्यक्रम से जुड़ा है। सामने आए वीडियो में ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच कमला उइके के पुत्र गोविंद उइके तिरंगा फहराते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके सामने मौजूद पंचायत सचिव ताली बजाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि पंचायत के विभिन्न कार्यों में सरपंच पुत्र की सक्रिय भूमिका लंबे समय से बनी हुई है और पंचायत के कामकाज में उनका हस्तक्षेप रहता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच मौजूद हैं, तो स्वतंत्रता दिवस जैसे सार्वजनिक एवं आधिकारिक कार्यक्रम में उनके पुत्र द्वारा झंडावंदन किस अधिकार और अनुमति के आधार पर किया गया? वहीं, पंचायत सचिव की मौजूदगी और उनके द्वारा ताली बजाने का दृश्य भी सवालों के घेरे में है।
बीमारी का दिया जा रहा हवाला
मामले में गांव के कुछ लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन महिला सरपंच का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह झंडावंदन कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद उनके पुत्र ने तिरंगा फहरा दिया। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि सरपंच की अनुपस्थिति में पंचायत सचिव अथवा सक्षम और अधिकृत अधिकारी द्वारा कार्यक्रम संपन्न कराया जा सकता था। ऐसे में सरपंच पुत्र द्वारा झंडावंदन कराए जाने को लेकर नियम और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
झंडावंदन के प्रोटोकॉल पर सवाल
सरकारी भवन अथवा ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित आधिकारिक झंडावंदन कार्यक्रम में सामान्यतः निर्वाचित जनप्रतिनिधि अथवा सक्षम और अधिकृत अधिकारी/कर्मचारी की भूमिका होती है। सरपंच पुत्र स्वयं कोई निर्वाचित पदाधिकारी नहीं हैं। इसलिए यह जांच का विषय है कि ग्राम पंचायत बड़ेगांव में झंडावंदन की जिम्मेदारी उन्हें किस आधार पर दी गई।
पहले भी सुर्खियों में रही पंचायत
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत बड़ेगांव पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर चर्चाओं में रही है। पंचायत से जुड़े दर्जनों मामलों में शिकायतें किए जाने का दावा भी ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जाती रही है।
अब स्वतंत्रता दिवस के झंडावंदन का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों की मांग है कि जिला एवं पंचायत प्रशासन पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करे कि निर्वाचित सरपंच की अनुपस्थिति में उनके पुत्र को झंडावंदन करने की अनुमति किसने दी और पंचायत सचिव ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं की।
कैप्शन : ग्राम पंचायत बड़ेगांव में झंडावंदन करते सरपंच पुत्र गोविंद उइके, सामने मौजूद पंचायत सचिव ताली बजाते हुए।
