नाबार्ड की पहल से चार गांवों में मधुमक्खी पालन जागरूकता अभियान, किसानों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित


नाबार्ड की पहल से चार गांवों में मधुमक्खी पालन जागरूकता अभियान, किसानों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
नाबार्ड की पहल से चार गांवों में मधुमक्खी पालन जागरूकता अभियान, किसानों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

जुन्नारदेव। नाबार्ड एवं यूटीएमटी सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में जुन्नारदेव विकासखंड के ग्राम पाडर, पिंडरई, मुसनी एवं कट्टा में मधुमक्खी पालन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय में वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

डीडीएम नाबार्ड छिंदवाड़ा श्वेता सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खी जागरूकता रथ ने गीत-संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। इसके साथ ही गांवों में जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, नारेबाजी एवं शपथ समारोह का आयोजन कर मधुमक्खियों के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि मधुमक्खी पालन से शहद एवं मोम उत्पादन के अलावा फसलों में परागण बढ़ता है, जैव विविधता का संरक्षण होता है तथा कम लागत में अतिरिक्त एवं सतत आय का साधन विकसित होता है। अभियान के माध्यम से आदिवासी अंचलों में मधुमक्खियों के पारंपरिक शिकार को रोककर वैज्ञानिक तरीके से पालन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में यूटीएमटी सोसायटी जुन्नारदेव के ओमप्रकाश पाठे, रेशमलाल डेहरिया, प्रदीप विश्वकर्मा, महेश यदुवंशी, राकेश यादव, करन राज भोपा, राहुल धुर्वे एवं संतलाल इवनाती सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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