कौशल प्रशिक्षण से बदली 17 बेटियों की राह, अपोलो अस्पताल में मिला रोजगार
ग्रीन इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षण से ग्रामीण बेटियों को मिला आत्मनिर्भरता का अवसर, पांच बेटियों का भोपाल के अपोलो सेज अस्पताल में चयन
पन्ना। अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल की कौशल विकास पहल से बेटियों की सफलता की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। हाल ही में कल्पना यादव, रोशनी यादव, रीशू यादव, सीता कुमारी और ज्योति चौधरी का भोपाल स्थित अपोलो सेज अस्पताल में चयन हुआ है। चयनित बेटियों को लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इन पांच बेटियों के चयन के साथ ही दक्षिण पन्ना वनमंडल की पहल के माध्यम से प्रतिष्ठित अस्पतालों में रोजगार प्राप्त करने वाली बेटियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
प्रशिक्षण से मिला रोजगार का अवसर
ग्रीन इंडिया मिशन के तहत शाहनगर वन परिक्षेत्र में आयोजित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की बेटियों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के लिए आवश्यक कौशल एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के लिए वॉकहार्ट फाउंडेशन को सहयोगी संस्था बनाया गया था।
कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी राजुल कटारे एवं प्रशिक्षण पर्यवेक्षक आशीष पाण्डेय, वनपाल की देखरेख में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं कार्य-कौशल प्रदान किया गया, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिली।
वन संरक्षण के साथ सामाजिक सशक्तीकरण
दक्षिण पन्ना वनमंडल की यह पहल वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस पर इन 17 बेटियों की उपलब्धि यह संदेश देती है कि उचित अवसर, कौशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की बेटियां भी आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।