खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजितखाद्य पदार्थों की जांच तेज करें, फूड हाइजीन पर विशेष ध्यान दें : कलेक्टर नारायनआगामी त्यौहारों को लेकर मावा, पनीर एवं मिठाइयों की विशेष जांच के निर्देश

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

खाद्य पदार्थों की जांच तेज करें, फूड हाइजीन पर विशेष ध्यान दें : कलेक्टर नारायन
आगामी त्यौहारों को लेकर मावा, पनीर एवं मिठाइयों की विशेष जांच के निर्देश

छिन्दवाड़ा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 एवं विनियम-2011 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह, उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ सहित खाद्य सुरक्षा, खाद्य एवं आपूर्ति, जिला उद्योग केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत की जा रही कार्रवाई, निरीक्षण एवं नमूना जांच की प्रगति की समीक्षा की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने राज्य शासन के मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले में 588 निरीक्षण किए गए हैं तथा 491 लीगल और 291 सर्विलेंस नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्राप्त जांच प्रतिवेदनों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

फूड हाइजीन अभियान का दायरा बढ़ाने के निर्देश

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि विगत एक माह में जिले के 59 बड़े एवं छोटे होटल, रेस्टोरेंट तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। कलेक्टर श्री नारायन ने निरीक्षणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि होटल एवं रेस्टोरेंट के साथ स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, चाट-फुल्की विक्रेताओं, ढाबों तथा अन्य छोटे-बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों की भी नियमित जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ खुले में न रखे जाएं तथा धूल, मक्खी एवं अन्य प्रदूषण से खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के साथ स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

नवरात्र एवं दीपावली पर मावा-पनीर और मिठाइयों की विशेष जांच

आगामी नवरात्र एवं दीपावली पर्व को देखते हुए कलेक्टर ने खाद्य पदार्थों की जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने मावा, पनीर, घी, दूध, मिठाइयों, खाद्य तेल, बेसन, मैदा, रवा एवं मसालों सहित त्यौहारों के दौरान अधिक उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण कराने को कहा।

उन्होंने चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला एवं रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से मौके पर जांच करने तथा अवमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि शासन द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए जिले की किसी भी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान अथवा अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का विक्रय अथवा उपयोग नहीं होना चाहिए। खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान इस पर विशेष ध्यान देने तथा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मध्यान्ह भोजन एवं छात्रावासों के भोजन की भी जांच

कलेक्टर श्री नारायन ने विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन, शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों तथा विशेष रूप से आदिवासी छात्रावासों में विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना आवश्यक है। इसके लिए खाद्य सामग्री के रख-रखाव, भोजन तैयार करने की व्यवस्था, किचन की स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक खाद्य सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया जाए।

लंबित जुर्माना राशि की वसूली में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने पूर्व में खाद्य व्यापारियों पर अधिरोपित किए गए जुर्माने की लंबित राशि की वसूली प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में लंबे समय से जुर्माना राशि जमा नहीं की गई है, उनमें नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए लंबित राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।

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