कलेक्टर श्री नारायन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्नसड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

कलेक्टर श्री नारायन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

छिंदवाड़ा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्री अजय पाण्डेय की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा के साथ नवीन एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री नारायन ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह, जिला सड़क सुरक्षा समिति के सचिव एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग श्री कौशल सिंह परते, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री अनुराग शुक्ला सहित एनएचएआई, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

संकरे एवं घुमावदार मार्गों की चौड़ाई बढ़ाने के कार्य में तेजी के निर्देश

बैठक में एनएचएआई द्वारा बताया गया कि जिले से गुजरने वाले एनएच-347 एवं एनएच-547 के संकरे एवं घुमावदार हिस्सों की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य वर्षा के कारण प्रभावित रहा है। इस पर कलेक्टर श्री नारायन ने शेष कार्य तत्काल प्रारंभ कराते हुए यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि इन मार्गों पर आवागमन अधिक सुरक्षित हो सके।

एनएचएआई एवं एमपीआरडीसी द्वारा जिले के विभिन्न घुमावदार मार्गों पर क्रैश बैरियर एवं कैट आई लगाए जाने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने दुर्घटना संभावित सभी स्थानों पर क्रैश बैरियर एवं कैट आई लगाने का कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा आवश्यकतानुसार अन्य सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करें

बैठक में स्कूल वैन एवं अन्य स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों में बच्चों के बैठने की उचित एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अतिरिक्त सीट अथवा पट्टी लगाकर ऐसी व्यवस्था से बच्चों को बैठाने पर कार्रवाई की जाए, जिससे उनके गिरने की संभावना बनी रहती है। संबंधित विभाग स्कूल वाहनों की नियमित जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराएं।

हाईमास्ट पर शीघ्र विद्युत कनेक्शन कराने के निर्देश

जिले में स्थापित हाईमास्ट को सुचारू रूप से संचालित करने के संबंध में भी बैठक में चर्चा की गई। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि जिन हाईमास्ट पर विद्युत कनेक्शन लंबित हैं, वहां शीघ्र कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि रात्रि के समय सड़कों एवं प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

दीवारों पर विज्ञापन हटाकर लिखे जाएं जन-जागरूकता संदेश

कलेक्टर श्री नारायन ने जिले में अनावश्यक दीवारों पर लगाए जा रहे विज्ञापनों एवं प्रचार सामग्री को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी दीवारों का उपयोग सड़क सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात नियमों एवं अन्य जन-जागरूकता से जुड़े स्लोगन एवं संदेश लिखने के लिए किया जाए। संबंधित नगरीय एवं ग्रामीण निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में अनधिकृत अस्थायी विद्युत कनेक्शन नहीं देने के निर्देश

बैठक में अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में विद्युत कनेक्शन दिए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि अथवा अन्य स्थानों पर अतिक्रमण की स्थिति में नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के बाद ही विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया की जाए। अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से अस्थायी विद्युत कनेक्शन नहीं दिए जाएं।

सड़क दुर्घटना में घायलों को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाने नियमित कार्यशालाएं आयोजित हों

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को पीएम राहत योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निजी अस्पतालों एवं पुलिस विभाग की टीम के साथ नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। कार्यशालाओं के माध्यम से संबंधित अस्पतालों एवं पुलिस अधिकारियों को योजना की प्रक्रिया तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाए।

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