कन्हान क्षेत्र विकास समिति ने सांसद विवेक बंटी साहू को सौंपा पत्र, चारा-पानी से लेकर देखभाल तक की व्यवस्था की मांग
जुन्नारदेव। जुन्नारदेव सहित छिंदवाड़ा जिले में सड़कों पर बढ़ती आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर कन्हान क्षेत्र विकास समिति ने जिले की प्रत्येक तहसील में सर्वसुविधायुक्त गौ-अभयारण्य (गो-वन) स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। समिति के अध्यक्ष मनीष उर्फ बंटी साहू ने इस संबंध में सांसद विवेक बंटी साहू को पत्र सौंपकर गौ-अभयारण्य निर्माण की दिशा में पहल किए जाने का आग्रह किया है।
समिति ने अपने पत्र में बताया कि जुन्नारदेव क्षेत्र सहित जिले के प्रमुख मार्गों और आंतरिक सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा गोवंश के विचरण करने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय सड़कों पर बैठे या अचानक सामने आ जाने वाले मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। समिति ने पत्र में जिले में आवारा मवेशियों की संख्या एक लाख से अधिक होने का अनुमान जताते हुए इस समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता बताई है।
चारा-पानी और देखभाल की हो समुचित व्यवस्था
समिति ने मांग की है कि प्रत्येक तहसील में ऐसे गौ-अभयारण्य विकसित किए जाएं, जहां गोवंश के लिए पर्याप्त शेड, चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध हो। साथ ही उनकी देखभाल के लिए आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। इससे बुजुर्ग और निराश्रित गोवंश को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा तथा उन्हें सड़कों पर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या से मिल सकती है राहत
समिति का कहना है कि गौ-अभयारण्य बनने से एक ओर गोवंश को सुरक्षित और व्यवस्थित आश्रय मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रमुख सड़कों से आवारा मवेशियों की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। इससे वाहन चालकों की परेशानी और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकेगा।
समिति ने कहा कि गोसेवा भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में जिले में व्यवस्थित गौ-अभयारण्य की स्थापना गोवंश संरक्षण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयोगी पहल साबित हो सकती है। समिति ने सांसद से जुन्नारदेव सहित पूरे छिंदवाड़ा जिले में इस दिशा में आवश्यक पहल कर शासन स्तर तक मांग पहुंचाने का आग्रह किया है।
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