जलाशयों में पानी की उपलब्धता की समीक्षा, सालभर की जल व्यवस्था का प्लान तैयार करने के निर्देश
पेयजल के बाद सिंचाई के लिए जल के संतुलित उपयोग पर जोर
छिंदवाड़ा। जिले में इस वर्ष अब तक औसत से कम बारिश होने के मद्देनजर आगामी महीनों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जलाशयों में उपलब्ध पानी की स्थिति और आगामी वर्षभर की जल व्यवस्था को लेकर कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में विशेष रूप से उन जलाशयों की स्थिति की समीक्षा की गई, जिनसे विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति होती है। अधिकारियों ने बताया कि कन्हरगांव जलाशय से छिंदवाड़ा शहर, सारोठ जलाशय से मोहखेड़ जल समूह, कांगला जलाशय से दमुआ, तवा एवं सकरवाड़ा जलाशय से अमरवाड़ा तथा हर्रई जलाशय से हर्रई शहर को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
समीक्षा में बताया गया कि कांगला और हर्रई जलाशय क्षमता के अनुरूप पूर्ण भरे हैं, जबकि सकरवाड़ा जलाशय में करीब 66 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। अन्य जलाशयों में क्षमता की तुलना में पानी कम है।
15 सितंबर की स्थिति के आधार पर बनेगी कार्ययोजना
कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि जिन जलाशयों में पानी की उपलब्धता कम है, वहां 15 सितंबर की जल उपलब्धता के आधार पर आगामी पूरे वर्ष के लिए जल प्रबंधन की व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने जलाशयवार उपलब्ध पानी तथा पेयजल एवं सिंचाई की आवश्यकताओं का आंकलन कर शीघ्र विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आगामी महीनों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। नगरीय निकाय भी अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें।
संतुलित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर जोर
कलेक्टर श्री नारायन ने सिंचाई के लिए उपलब्ध जल के समुचित उपयोग और प्राथमिकताओं के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलाशयों में उपलब्ध पानी का संतुलित एवं योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है, ताकि पेयजल की आवश्यकता पूरी करने के साथ सिंचाई के लिए उपलब्ध जल संसाधनों का भी बेहतर उपयोग किया जा सके।
समीक्षा के आधार पर जिले में सिंचाई व्यवस्था को लेकर जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें जल की उपलब्धता और विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार सिंचाई व्यवस्था को लेकर निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री श्रीमती कुमकुम पटेल, पेंच परियोजना के कार्यपालन यंत्री श्री जे.के. मर्सकोले सहित विभाग के सब डिवीजनल अधिकारी उपस्थित रहे।
