नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग का अनुकरणीय उदाहरण बना ग्राम चिमटीपुरतामिया के दूरस्थ गांव में सौर ऊर्जा संचालित पंप से पहुंचा ‘हर घर जल’पेयजल समस्या के स्थायी एवं पर्यावरण-अनुकूल समाधान की प्रस्तुत की मिसाल

नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग का अनुकरणीय उदाहरण बना ग्राम चिमटीपुर

तामिया के दूरस्थ गांव में सौर ऊर्जा संचालित पंप से पहुंचा ‘हर घर जल’

पेयजल समस्या के स्थायी एवं पर्यावरण-अनुकूल समाधान की प्रस्तुत की मिसाल

छिन्दवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड तामिया का दूरस्थ ग्राम चिमटीपुर कभी पेयजल संकट से जूझता था। गांव के ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और छात्र-छात्राओं को पानी के लिए दूर जाना पड़ता था। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही महिलाओं एवं बच्चियों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आज यही ग्राम चिमटीपुर नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, परासिया के क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन की योजना परंपरागत विद्युत संयोजन उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबे समय से क्रियान्वित नहीं हो पा रही थी। इसके बाद केंद्र एवं राज्य शासन की जल एवं अक्षय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के तहत विभाग द्वारा नवाचार करते हुए गांव में सौर ऊर्जा संचालित पंप स्थापित किया गया। इसके माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ योजना को ऊर्जीकृत कर घर-घर नल से पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

सौर ऊर्जा संचालित पंप की स्थापना के बाद अब गांव के घरों में नल के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों को दूर स्थित कुएं-बावड़ियों से पानी लाने की समस्या से राहत मिली है। छात्र-छात्राओं को भी पानी लाने में समय व्यतीत नहीं करना पड़ता, जिससे उनकी पढ़ाई के लिए अधिक समय उपलब्ध हो रहा है। महिलाओं को भी पानी के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत मिली है।

गांव की स्कूली छात्रा कुमारी मनिता उइके ने बताया कि पहले पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब घर पर ही नल से पानी मिलने से परेशानी दूर हो गई है। गांव की महिला प्रमिला उइके ने बताया कि पहले वे दूर स्थित कुएं से पानी लाते थे। अब घर पर नल से पानी उपलब्ध होने से सुविधा बढ़ी है और पेयजल को लेकर होने वाली परेशानियों में कमी आई है। उन्होंने सौर ऊर्जा से संचालित पंप की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्राम में विकसित आंवला होमस्टे के संचालक श्री रूपलाल ने बताया कि नलकूप से स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से होमस्टे में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

चिमटीपुर में सौर ऊर्जा के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को संचालित किए जाने से न केवल ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान हुआ है, बल्कि यह पहल पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा के उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की एक सकारात्मक मिसाल भी प्रस्तुत करती है।

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