मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के सातवें सप्ताह में बीसापुरकलां पहुंचे कलेक्टर
स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी का किया निरीक्षण, ग्रामीणों से संवाद कर सुनी समस्याएं
आंगनबाड़ी में बच्चों से हिंदी में पूछा नाम, बच्चों ने अंग्रेजी में बताया—‘माय नेम इज...’
लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शासकीय सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के सातवें सप्ताह में जिले के सभी जिला, अनुविभागीय एवं खंडस्तरीय अधिकारी फील्ड में पहुंचे। अधिकारियों ने विभिन्न शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति देखी तथा ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
इसी क्रम में कलेक्टर हरेंद्र नारायन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम मोहखेड़ विकासखंड के बीसापुरकलां एवं आसपास के ग्रामों में पहुंची। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर स्थानीय अवकाश होने के कारण खंड स्तरीय शिविर का आयोजन एक दिन पूर्व किया गया।
इस दौरान कलेक्टर ने विभिन्न शासकीय संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर जन सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर पुष्पेंद्र निगम, एसडीओपी सुनील बरकड़े, सीईओ जनपद पंचायत मोहखेड़ डी.के. करपे, तहसीलदार प्रजीत बंसोड़, बीएमओ डॉ. संजय राय सहित ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिंगा का किया निरीक्षण
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिंगा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, ओपीडी, स्टोर रूम, टीकाकरण कक्ष, नर्सिंग स्टेशन एवं दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया।
उन्होंने विशेष रूप से एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता एवं हाइजीन व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए तथा वैक्सीन कैरियर एवं कोल्ड बॉक्स को स्वच्छ स्थान पर रखने के निर्देश दिए। परिसर की सफाई एवं समतलीकरण के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के बाद कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान बीएमओ मोहखेड़ डॉ. संजय राय, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शालिनी सिंह सहित स्वास्थ्य केंद्र का नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी में बच्चों से किया सहज संवाद
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी नर्सरी केंद्र लोनिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में बच्चों के लिए उपलब्ध पोषण आहार एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनके नाम, अक्षर ज्ञान, भाषा ज्ञान एवं अंक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे।
बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के जवाब दिए। कलेक्टर द्वारा हिंदी में नाम पूछे जाने पर कुछ बच्चों ने अंग्रेजी में ‘माय नेम इज...’ कहकर अपने नाम बताए। बच्चों के आत्मविश्वास और आधारभूत शैक्षणिक स्तर पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की।
कलेक्टर ने बच्चों से उनके पसंदीदा भोजन और भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, यह भी पूछा। बच्चों ने अपनी रुचि के अनुसार डॉक्टर, शिक्षक और पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा बताई। उन्होंने बच्चों को बड़ों की बात मानने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा सड़क पर चलते समय अपनी ओर से चलने की समझाइश दी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ब्रजेश शिवहरे, परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मौजूद रहीं।
शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
निरीक्षण के बाद कलेक्टर एवं सभी अधिकारी पीएम श्री स्कूल बीसापुरकलां में आयोजित खंड स्तरीय शिविर में पहुंचे। यहां कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान क्षेत्र से संबंधित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
कृषक सुनील पाठे ने कीटनाशक विक्रेता की सलाह पर खेत में दूसरी दवा का छिड़काव करने से फसल को नुकसान होने की शिकायत की। कलेक्टर ने शिकायत के निराकरण में रुचि नहीं लेने एवं फील्ड मॉनिटरिंग में कमी पाए जाने पर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी मोहखेड़ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित दवा विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई करने और किसान को हुई फसल क्षति के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी तरह संतोष चौरे की नल-जल योजना, दिनेश कुमार साहू की रास्ते से संबंधित शिकायत तथा राजोला रैयत के रवींद्र की पंचायत के अधूरे निर्माण संबंधी शिकायत पर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिकायतों के निराकरण में तत्परता एवं रुचि की कमी, ग्राम पंचायत स्तर पर निरीक्षण-मॉनिटरिंग का अभाव तथा मुख्यालय पर निवास नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत मोहखेड़ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने की हिदायत दी गई।
इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिव बदनूर एवं ग्राम पंचायत सचिव राजोला रैयत को विभागीय योजनाओं के उचित क्रियान्वयन, हितग्राहियों को लाभ दिलाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में अपेक्षित सहयोग नहीं करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अन्य ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों सहित लिंगा, बीसापुरकलां, लोनिया, राजोला रैयत, बदनूर एवं आसपास के ग्रामों से लगभग 500 ग्रामीण उपस्थित रहे।