संगई से वैश्विक मंच तक निपुण सिंह की गौरवशाली उड़ान
Manhunt International 2026 में भारत के प्रथम उपविजेता बने, सिवनी और मध्यप्रदेश का बढ़ाया मान
सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के ग्राम संगई से निकली प्रतिभा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। संगई में जन्मे और जबलपुर में पले-बढ़े निपुण सिंह बघेल ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित 24वीं Manhunt International 2026 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रथम उपविजेता (1st Runner-Up) का खिताब हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से सिवनी सहित पूरे मध्यप्रदेश में हर्ष का माहौल है।
राष्ट्रीय खिताब के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता
निपुण सिंह ने इससे पहले मुंबई में आयोजित भव्य ग्रैंड फिनाले में लगभग 20 हजार आवेदकों के बीच सफलता हासिल करते हुए ‘रुबरू मिस्टर इंडिया मैनहंट इंटरनेशनल 2025’ का प्रतिष्ठित खिताब जीता था। इसी राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
9 सितंबर 2026 को कोलंबो में आयोजित Manhunt International World Final में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच निपुण ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रतिभा और प्रभावशाली प्रस्तुति के दम पर प्रथम उपविजेता का स्थान हासिल किया।
डिनो मोरिया और जॉन अब्राहम की गौरवशाली परंपरा में जुड़ा नाम
Manhunt International के इतिहास में भारत की भागीदारी का विशेष स्थान रहा है। डिनो मोरिया ने वर्ष 1995 में इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि जॉन अब्राहम ने वर्ष 1999 में भारत का प्रतिनिधित्व कर अपनी पहचान बनाई।
अब वर्ष 2026 में सिवनी के ग्राम संगई से निकले निपुण सिंह ने इसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रथम उपविजेता का खिताब हासिल कर इस गौरवशाली परंपरा में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाले युवा भी मेहनत और अवसर के बल पर वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
संगई से जबलपुर और फिर अंतरराष्ट्रीय मंच तक सफर
निपुण सिंह के पिता भानु प्रकाश सिंह बघेल भारतीय स्टेट बैंक की विजयनगर शाखा, जबलपुर में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुधा बघेल हैं। निपुण जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बृजेश सिंह ‘लल्लू’ बघेल के भांजे हैं।
सिवनी जिले के ग्राम संगई में जन्मे निपुण ने जबलपुर में शिक्षा और परवरिश हासिल की। उनकी सफलता में परिवार के संस्कार, प्रोत्साहन और निरंतर सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई से मॉडलिंग और पेजेंट्री तक
वर्ष 1999 में सिवनी के इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में जन्मे निपुण सिंह ने जबलपुर के सेंट अलोइसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
वर्तमान में वे वैश्विक डेटा एवं मार्केटिंग क्षेत्र की कंपनी Merkle में डिसीजनिंग स्पेशलिस्ट एवं मार्केटिंग टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। कॉलेज के दौरान यूनिवर्सिटी के फैशन क्लब से शुरू हुआ मॉडलिंग का शौक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। रैंप वॉक, फिटनेस और पेजेंट्री में निरंतर मेहनत करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे।
संगीत और खेल में भी बहुमुखी प्रतिभा
निपुण सिंह मॉडलिंग और पेजेंट्री के साथ संगीत एवं खेल में भी रुचि रखते हैं। वे तबला वादन में प्रमाणित हैं और गिटार सहित छह अलग-अलग वाद्ययंत्र बजाने में दक्ष हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं और पांच अलग-अलग खेलों में सक्रिय रहे हैं।
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को निपुण अपनी प्रमुख प्रेरणाओं में से एक मानते हैं। उनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिभा, संस्कृति और युवाओं की क्षमता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
सिवनी की माटी को नमन कर बढ़े आगे
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए श्रीलंका रवाना होने से पहले निपुण सिंह ने सिवनी की धरती को नमन किया। उनके अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत 3 सितंबर से हुई। उनके माता-पिता सहित परिवार के सदस्य भी उनका मनोबल बढ़ाने के लिए श्रीलंका के कोलंबो पहुंचे।
सिवनी की शान, मध्यप्रदेश का मान, भारत का गौरव
निपुण सिंह की उपलब्धि संगई की मिट्टी से निकली प्रतिभा के वैश्विक मंच तक पहुंचने की गौरवशाली कहानी है। राष्ट्रीय स्तर पर ‘रुबरू मिस्टर इंडिया मैनहंट इंटरनेशनल 2025’ का खिताब जीतने से लेकर Manhunt International 2026 में भारत को प्रथम उपविजेता का गौरव दिलाने तक उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
सिवनी जिलेवासियों और उनके शुभचिंतकों ने निपुण सिंह बघेल को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संगई की धरती का यह युवा अब अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ सिवनी का नाम देश-दुनिया तक पहुंचा रहा है।
