15 नवंबर से खुलेंगी नहरें, जिले में 72,418 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई
जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय, जलाशयों में पानी की उपलब्धता के अनुसार मिलेगा सिंचाई का पानी
छिंदवाड़ा। जिले में रबी फसलों की सिंचाई के लिए 15 नवंबर से नहरें खोली जाएंगी। जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायण की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सांसद विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह, चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी, पूर्व विधायक पं. रमेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में कुल 72,418 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना से 48,532 हेक्टेयर, 108 लघु सिंचाई परियोजनाओं से 17,880 हेक्टेयर तथा स्टॉप डैम और बैराज से 6,006 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।
जलाशयों में पानी के अनुसार मिलेगा सिंचाई का पानी
बैठक में जिले के जलाशयों में उपलब्ध जलभराव की समीक्षा की गई। 30 सितंबर की स्थिति के अनुसार पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना में 88.5 प्रतिशत और कन्हरगांव मध्यम परियोजना में मात्र 5 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया। जिले की कुल 153 सिंचाई योजनाओं में एक वृहद परियोजना, एक मध्यम परियोजना, 108 लघु सिंचाई परियोजनाएं और 43 स्टॉप डैम शामिल हैं। इनमें से 44 जलाशयों में 0 से 25 प्रतिशत तक पानी उपलब्ध है।
जलभराव की स्थिति को देखते हुए सिंचाई के लिए पानी देने का निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार:
- 100 प्रतिशत भरे जलाशय: एक पलेवा और तीन बार सिंचाई के लिए पानी।
- 75 प्रतिशत से अधिक, लेकिन 100 प्रतिशत से कम भरे जलाशय: एक पलेवा और दो बार सिंचाई के लिए पानी।
- 50 से 75 प्रतिशत तक भरे जलाशय: एक पलेवा और एक बार सिंचाई के लिए पानी।
- 25 से 50 प्रतिशत तक भरे जलाशय: केवल एक पलेवा के लिए पानी।
इस बार एक पलेवा के लिए 21 दिन के बजाय 15 दिनों तक ही पानी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। किसानों से जल उपलब्धता के अनुरूप फसलों की बोनी करने की अपील की गई है।
चना, सरसों और मसूर की बोनी करने की सलाह
बैठक में किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलें अपनाने की सलाह दी गई। चना, सरसों और मसूर को बेहतर विकल्प बताया गया। गेहूं की बोनी तभी करने की सलाह दी गई, जब फसल के लिए तीन से अधिक सिंचाई देने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
सांसद बंटी विवेक साहू ने संबंधित अधिकारियों को किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जल उपलब्धता के अनुरूप फसल चयन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई के पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए, ताकि नहरों के अंतिम छोर तक के किसानों को भी पर्याप्त पानी मिल सके।
पानी चोरी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में सांसद ने नहरों में अवैध पंप लगाकर पानी चोरी करने वालों के विरुद्ध संयुक्त टीम बनाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने पर भी जोर दिया। पानी चोरी पर अंकुश लगाने के लिए पंपों के अस्थायी विद्युत कनेक्शन (टीसी) जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही सभी स्टॉप डैमों के गेट 26 अक्टूबर तक बंद कराने और नहरों की आवश्यक मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह ने अमरवाड़ा क्षेत्र में अतिरिक्त विद्युत ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने की आवश्यकता बताई, ताकि खराब होने की स्थिति में उन्हें तत्काल बदला जा सके।
माइक्रो इरिगेशन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में माइक्रो इरिगेशन योजना-1 और योजना-2 की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई। इस पर कलेक्टर ने वरिष्ठ कार्यालय से समन्वय कर अर्धशासकीय पत्र तैयार करने के निर्देश संबंधित कार्यपालन यंत्री को दिए।
बैठक में पूर्व बैठकों और दिशा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार, एसडीएम पुष्पेंद्र निगम, जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री एवं समिति सचिव कुमकुम पटेल, पेंच परियोजना के कार्यपालन यंत्री जे.के. मर्सकोले एवं प्रभाकर टेकाम, अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार सिन्हा सहित विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष रबी सिंचाई की व्यवस्था जलाशयों में उपलब्ध पानी के आधार पर की जाएगी। ऐसे में किसानों से अपील की गई है कि वे पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर फसलों का चयन करें और सिंचाई के दौरान जल का अपव्यय न करें।
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