बिजली कटौती पर कांग्रेस नेता सरफराज फारूकी का अल्टीमेटम
एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो विद्युत मंडल का होगा घेराव, 20 घंटे बिजली देने की मांग
पन्ना। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से परेशान लोगों की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के सचिव सरफराज फारूकी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर विद्युत विभाग और जिला प्रशासन से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है। साथ ही एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर विद्युत मंडल का घेराव किया जाएगा।
सरफराज फारूकी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की बार-बार कटौती से आम नागरिक, किसान, व्यापारी और विद्यार्थी परेशान हैं। नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान भी बिजली की आंख-मिचौली जारी रहने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय अंधेरे और मच्छरों के प्रकोप से भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ रही है।
मेंटेनेंस के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
कांग्रेस नेता ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली कटौती के संबंध में अधिकारियों द्वारा ओवरलोडिंग और मेंटेनेंस का हवाला दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर को मेंटेनेंस किए जाने के दावे के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
रबी फसलों की बुआई को लेकर किसान चिंतित
रबी सीजन में चना और मसूर की बुआई का महत्वपूर्ण समय शुरू होने के कारण बिजली कटौती किसानों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, बिजली की अनियमित आपूर्ति से ग्रामीण व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
20 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग
सरफराज फारूकी ने जिला प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो विद्युत मंडल का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को नियमित बिजली उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और विद्युत विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।