जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देशगर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन शत-प्रतिशत करने और गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश

गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन शत-प्रतिशत करने और गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

छिंदवाड़ा। कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में शनिवार, 10 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला और बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कम उपलब्धि वाले विकासखंडों में नियमित समीक्षा कर सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और उपचार पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान छिंदवाड़ा, बिछुआ, चौरई, परासिया और मोहखेड़ विकासखंडों में गर्भवती महिलाओं के एएनसी (प्रसवपूर्व देखभाल) पंजीयन की प्रगति कम पाए जाने पर कलेक्टर ने शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की पहचान में कमी पर उन्होंने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने के लिए कहा।

कलेक्टर ने गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करने और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि मातृ स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके।

टीकाकरण और पोषण पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

कलेक्टर ने सभी निर्धारित टीकाकरण सत्रों का शत-प्रतिशत आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकाकरण की एफआईसी प्रविष्टियां कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी को विशेष निगरानी रखने, नियमित निरीक्षण करने और शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और मच्छरदानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश

बैठक में गैर-संचारी रोग नियंत्रण (एनसीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों के फॉलोअप की प्रगति कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर फॉलोअप बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने टीकाकरण, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, 100 दिवसीय निक्षय शिविर, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की।

उन्होंने कम उपलब्धि वाले विकासखंडों में विशेष निगरानी रखने और नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों में तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बेहतर उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए कहा।

अधिकारियों की रही उपस्थिति

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास, सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ब्रजेश शिवहरे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. पुष्पारानी सिंह, एसएनसीयू नोडल अधिकारी डॉ. अंशु लांबा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र सोमकुवर सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर (बीईई), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (बीसीएम) तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) भी बैठक में शामिल हुए।

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