जनविश्वास अभियान में कलेक्टर ने उद्यमियों और आजीविका मिशन की दीदियों से किया संवादउद्यमियों की समस्याएं सुनीं, स्वसहायता समूह की दीदियों ने साझा किए सफलता के अनुभव

जनविश्वास अभियान में कलेक्टर ने उद्यमियों और आजीविका मिशन की दीदियों से किया संवाद

उद्यमियों की समस्याएं सुनीं, स्वसहायता समूह की दीदियों ने साझा किए सफलता के अनुभव

छिन्दवाड़ा। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के तहत शनिवार को नगर परिषद बड़कुही में आयोजित शिविर में उद्यमी संवाद एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वसहायता समूह की दीदियों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने क्षेत्र के उद्यमियों और स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके अनुभव जाने तथा उनकी समस्याएं सुनीं।

कार्यक्रम में परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीक, जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार, एसडीएम परासिया शुभम कुमार यादव सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, नगरीय निकायों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी, उद्यमी, स्वसहायता समूह की दीदियां और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उद्यमियों ने बताईं योजनाओं से मिली मदद

कलेक्टर ने कियोस्क संचालक रोशनी साहू एवं बबीता श्रीवास, मसाला निर्माण से जुड़ी जयश्री यादव, कृषि उद्यमी संगीता पवार, सब्जी उत्पादक संध्या पवार, इलेक्ट्रॉनिक शॉप संचालक देवकुल पेहरा, पेपर बैग निर्माता अनुराग मालवी तथा मसाला निर्माण इकाई संचालक इंद्रजीत वर्मा, विमल डेहरिया और बिरनलाल यादव से एक-एक कर संवाद किया।

पेपर बैग इकाई संचालक अनुराग मालवी ने बताया कि उन्होंने पीएमईजीपी योजना के माध्यम से 13 लाख रुपये का ऋण लेकर इकाई शुरू की है। वर्तमान में वे चायपत्ती पैकेजिंग का कार्य भी कर रहे हैं और फ्लेवर्ड चायपत्ती के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ भविष्य में कुकी निर्माण इकाई शुरू करना चाहते हैं।

पीएमएफएमई योजना से लाभान्वित इंद्रजीत वर्मा ने मसाला निर्माण इकाई की जानकारी देते हुए ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सहयोग की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने संबंधित विभाग से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं मोरिंगा पाउडर निर्माण इकाई संचालित कर रहे बिरनलाल यादव ने व्यवसाय विस्तार के लिए अतिरिक्त ऋण की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने उन्हें उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन करने का सुझाव दिया।

कलेक्टर ने संबंधित विभागों और बैंकों को उद्यमियों को स्वरोजगार योजनाओं के तहत आवश्यक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उद्यानिकी विभाग एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को योजनाओं के माध्यम से नई इकाइयों की स्थापना बढ़ाने तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

दीदियों ने साझा किए आत्मनिर्भरता के अनुभव

आजीविका मिशन से जुड़ी स्वसहायता समूह की दीदियों ने समूह से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए आर्थिक और सामाजिक बदलावों के अनुभव साझा किए। जयश्री यादव ने बताया कि पहले वे घर पर सीमित मात्रा में मसालों का उत्पादन करती थीं। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने इसे बड़े स्तर पर शुरू किया और अब स्कूलों एवं छात्रावासों में भी मसालों की आपूर्ति कर रही हैं।

शारदा उइके ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद ऋण लेकर उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ सामाजिक स्तर पर भी बदलाव आया है।

बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं रोशनी साहू और बबीता श्रीवास ने बताया कि इस कार्य से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बैंक सखी के रूप में करीब 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं।

कलेक्टर ने बैंक सखी दीदियों को ग्रामीण महिलाओं को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि उनकी आय और सामाजिक सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके। इस दौरान आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक हेमेंद्र भकने, विकासखंड प्रबंधक जुगल किशोर झारिया, सहायक विकासखंड प्रबंधक तारीक मलिक एवं मोरिना अलबरड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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